यमुना सिटी के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) में फॉर्मूला-1 रेस आयोजित कराने की तैयारी तेज हो गई है। जापान सहित कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और एजेंसियों ने यहां रेस कराने की अपनी इच्छा जाहिर की है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी बीआईसी का दौरा किया और वहां सुविधाओं और व्यवस्था का निरीक्षण किया। मंत्री ने ट्रैक, पिट लेन, सुरक्षा प्रोटोकॉल और दर्शक व्यवस्था का जायजा लिया।

बीते महीने केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने यमुना सिटी के सेक्टर-25 स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया। मंत्री मनसुख मांडविया के भ्रमण का मुख्य उद्देश्य था कि बीआईसी में अंतरराष्ट्रीय रेसिंग आयोजन की अनुमति देने से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति और सुरक्षा प्रोटोकॉल का निरीक्षण किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ट्रैक और अन्य सुविधाओं को उच्च अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए रखा जाए, ताकि भविष्य में यहां बड़े स्तर के रेसिंग इवेंट्स सुरक्षित और सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकें।

सूत्रों के अनुसार, अडानी ग्रुप अब इस रेस को भारत में लौटाने के लिए जेपी ग्रुप को खरीदने की दौड़ में शामिल है। अगर अडानी ग्रुप यह सौदा कर लेता है, तो भारत में फॉर्मूला-1 रेस को वापस लाने की कोशिशों को काफी बल मिलेगा। खेल मंत्रालय ने भी इस पहल में रुचि दिखाई है, जिससे रेस की वापसी की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। बीआईसी में 2011 से 2013 तक फॉर्मूला-1 रेस आयोजित की गई थी, लेकिन उसके बाद कोई रेस नहीं हुई।

बीआईसी (बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट) में फॉर्मूला-1 रेस की वापसी की कोशिशें जोर पकड़ रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह राह आसान नहीं है। फिलहाल फॉर्मूला-1 कैलेंडर में 24 रेस निर्धारित हैं और दुनियाभर के कई देश इसके आयोजन की इच्छा जता चुके हैं, जिससे भारत को स्लॉट हासिल करना चुनौतीपूर्ण है। एक फॉर्मूला-1 रेस का सालाना खर्च लगभग 2 करोड़ से 6 करोड़ डॉलर के बीच होता है। इसमें ट्रैक तैयार करना, सुरक्षा, पिट लेन, दर्शकों की सुविधा और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

जापान सुपर फॉर्मूला रेस के लिए वार्ता जारी

यमुना सिटी के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) में फॉर्मूला-1 रेस की तैयारी के साथ-साथ अब जापान की प्रतिष्ठित सुपर फॉर्मूला रेस को भी भारत में लाने की योजना चल रही है। सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने जापान रेस प्रमोशन कॉरपरेशन (GRC) का प्रतिनिधिमंडल बीआईसी का दौरा कर चुका है और यहां रेस आयोजित कराने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जापान सुपर फॉर्मूला रेस अपनी रोमांचक प्रतियोगिता और उच्च स्तरीय रेसिंग के लिए जानी जाती है। यह रेस अब तक केवल जापान में होती आई है। 2023 में इस रेस ने अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह फॉर्मूला-1 जैसी ही प्रतियोगिता है, जो दुनिया भर के बेहतरीन रेसर्स को एक मंच पर लाती है।

बीआईसी में इस रेस के आयोजन से भारत में अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स का अनुभव बढ़ेगा और देश को वैश्विक रेसिंग मानचित्र पर जगह मिलेगी। इसके लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय और संभावित निवेशक दोनों सक्रिय हैं और ट्रैक, सुरक्षा प्रोटोकॉल और दर्शक व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी

यमुना सिटी के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) में पहले ही दो फॉर्मूला-1 रेस आयोजित हो चुकी हैं। इसके अलावा, 2023 में मोटो जीपी जैसी वैश्विक रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन यहां सफलतापूर्वक हुआ। अब यदि जापान सुपर फॉर्मूला रेस को बीआईसी में आयोजित करने पर अधिकारियों और आयोजकों के बीच सहमति बनती है, तो यह भारतीय मोटरस्पोर्ट्स के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। इस रेस के आयोजन से न सिर्फ यमुना सिटी को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स प्रतिष्ठा भी मजबूत होगी।

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