पटना/बेंगलुरु। पटना के कुख्यात इनामी अपराधी मनोज सिंह और उसके बेटे मानिक सिंह को बिहार एसटीएफ ने बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से ठीक पहले दोनों ने एक वीडियो बनाकर कथित फर्जी एनकाउंटर की आशंका जताई। वीडियो में मानिक सिंह ने कहा कि वह और उसके पिता को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है और नीचे पटना एसटीएफ की टीम मौजूद है। उसने आरोप लगाया कि हथियार बरामदगी के नाम पर उनका एनकाउंटर किया जा सकता है, इसलिए उन्हें हथकड़ी लगाकर ही ले जाया जाए।

वीडियो में मानिक की पत्नी और रोती हुई बेटी की आवाज भी सुनाई देती है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मंगलवार सुबह का है। हालांकि इस पूरे मामले पर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई मामले

मनोज सिंह नौबतपुर थाना क्षेत्र के शंभू पूरा का निवासी है और उस पर हत्या, रंगदारी, लूट व आर्म्स एक्ट सहित दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिहार पुलिस ने मनोज पर 3 लाख रुपये और मानिक पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे।

एसटीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि पिता-पुत्र बेंगलुरु में छिपे हुए हैं। इसके बाद टीम ने कई दिनों तक निगरानी की और फिर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दोनों के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जा रहा है, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब इनके पूरे आपराधिक नेटवर्क और सहयोगियों की पहचान में जुटी है। राजधानी पटना के दानापुर, खगौल, बिहटा, विक्रम, दुल्हन बाजार, पालीगंज और नौबतपुर इलाके में इन दोनों का काफी खौफ बताया जाता है।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2015 में विक्रम थाना क्षेत्र से दोनों को गिरफ्तार किया गया था। करीब तीन महीने बाद मनोज सिंह को जमानत मिल गई थी और वह फरार हो गया। वर्ष 2023 में मानिक को भी बेल मिल गई थी, जिसके बाद दोनों फिर से फरार थे।

अब एसटीएफ की कार्रवाई के बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा में पटना लाया जा रहा है।