Rajasthan News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक के लॉकर से असली सोना निकालकर नकली सोना रख दिया गया और कई ग्राहकों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन उठाकर रकम हड़प ली गई। पीड़ितों का दावा है कि घोटाले की रकम सिर्फ साढ़े छह करोड़ नहीं, बल्कि 60 से 70 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

मामले में बैंक के तत्कालीन मैनेजर अमित कुमार, डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश और बैंक के बीसी संचालक संतोष सैनी की मिलीभगत सामने आई है। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर लॉकर में रखे गहनों से छेड़छाड़ की और कई लोन खातों में पूरी राशि ग्राहकों को न देकर बड़ा खेल किया।
बैंक पहुंचे तो खुलने लगे राज
हफ्तेभर तक यह मामला बैंक और कुछ ग्राहकों तक सीमित था, लेकिन जैसे ही जानकारी बाहर आई, बड़ी संख्या में पीड़ित बैंक पहुंचने लगे। इसके बाद एक-एक कर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। कुछ मामलों में ग्राहकों के नाम पर लोन तो दिखाया गया, लेकिन उन्हें रकम मिली ही नहीं। कहीं गलत तरीके से लोन उठाकर पूरी राशि खुद रख ली गई।
भैंस के नाम पर लोन, घर में बकरी भी नहीं
एक महिला ने बताया कि उसने प्लॉट गिरवी रखकर सात लाख रुपये का लोन लेने की बात की थी। आरोप है कि बीसी संचालक ने दो लाख रुपये घूस मांगी और बाद में सिर्फ 50 हजार रुपये दिए। बाद में जब परिवार बैंक पहुंचा, तो पता चला कि महिला के नाम पर भैंस का लोन भी चल रहा है, जबकि उसके घर में बकरी तक नहीं है और वह कभी बैंक गई भी नहीं।
इसी तरह एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि महिला शक्ति योजना के तहत उसके नाम पर साढ़े नौ लाख रुपये का लोन दिखाया गया, जिसमें से पांच लाख रुपये बैंक मैनेजर ने खुद रख लिए। वादा किया गया था कि हर महीने 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे, लेकिन अब तक एक रुपया भी नहीं मिला। इस व्यक्ति के तीन गोल्ड लोन में से दो के गहने पूरी तरह गायब हैं।
एक महिला ने करीब 680 ग्राम सोना गायब होने की शिकायत की है। ऐसे ही कई अन्य ग्राहक भी अपने लॉकर और गहनों को लेकर बैंक के चक्कर काट रहे हैं।
6 करोड़ नहीं, 60-70 करोड़ का खेल: पीड़ित
पीड़ितों का कहना है कि यह मामला कुछ करोड़ का नहीं, बल्कि बड़े स्तर का घोटाला है। कई लोग एक हफ्ते से अपने सोने या समाधान के लिए बैंक आ रहे हैं, लेकिन न तो उन्हें संतोषजनक जवाब मिल रहा है और न ही कोई तय समय बताया जा रहा है।
कर्मचारी सस्पेंड, मैनेजर फरार
बैंक प्रबंधन ने तत्कालीन मैनेजर अमित कुमार, डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश समेत करीब आधा दर्जन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, जबकि मैनेजर अमित कुमार के फरार होने की बात कही जा रही है।
दो दिन पहले बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार सिहाग ने नवलगढ़ थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद हनुमानगढ़ सर्किल से एजीएम सुधीर कुमार सोहू के नेतृत्व में एक टीम नवलगढ़ पहुंची। एजीएम ने कहा कि बैंक के अपने अधिकारियों और एजेंट ने धोखा किया है, लेकिन ग्राहकों के साथ अन्याय नहीं होगा। सभी मामलों में क्लेम देने की प्रक्रिया के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है और ग्राहकों को उनका हक जरूर मिलेगा।
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