गौरव जैन, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। मंगलवार को मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हारी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची आत्महत्या करने के इरादे से हंसिया लेकर अपने ही घर में खुद को बंद कर बैठ गई। परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची मरवाही पुलिस की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय प्रयास से एक बड़ी अनहोनी टल गई और बच्ची की जान बचा ली गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्ची पढ़ाई को लेकर पारिवारिक दबाव, मोबाइल उपयोग पर रोक और आज़ादी न मिलने के कारण मानसिक दबाव महसूस कर रही थी। इसी बात से नाराज होकर उसने आत्मघाती कदम उठाने की धमकी दी और घर का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही मरवाही थाना प्रभारी शानिप रात्रे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने करीब चार घंटे से अधिक समय तक बच्ची से संवाद बनाए रखा और उसे शांत करने का प्रयास किया।

काफी मशक्कत के बाद दरवाजे को धीरे-धीरे खोलकर पुलिस बच्ची तक पहुंची और उसके हाथ से धारदार हंसिया सुरक्षित तरीके से छुड़ाया। थाना प्रभारी शानिप रात्रे ने बताया कि बच्ची अपनी मां और छोटे भाई के साथ रहती है। मां द्वारा लगातार पढ़ाई करने और मोबाइल से दूर रहने की समझाइश देने से बच्ची तनाव में थी और पढ़ाई नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।

रेस्क्यू के बाद नाबालिग का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ बताया। पुलिस द्वारा बच्ची को भविष्य में पढ़ाई और जीवन के महत्व को लेकर समझाइश भी दी गई। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में कांतिलाल वानी, अशोक गौतम, मनोज मरावी और कमलेश जगत की भूमिका भी सराहनीय रही।