एक 13 साल के ऑस्ट्रेलियाई लड़के ने शार्क से भरे खतरनाक समुद्र में 4 किलोमीटर तैरकर अपनी मां और दो छोटे भाई-बहनों की जान बचाई. यह घटना वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के क्विंडालुप बीच के पास जियोग्राफ बे में हुई, जब परिवार पैडलबोर्डिंग और कयाकिंग (बोटिंग) के लिए निकला था. जियोग्राफ बे में शार्क का खतरा हमेशा रहता है. ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में कई शार्क अटैक हुए हैं, जिसकी वजह से कई बीच बंद हो गए थे. इस घटना के समय भी पानी में शार्क होने की वजह से खतरा ज्यादा था. ऑस्टिन की इस बहादुरी को ‘सुपरह्यूमन’ और ‘हीरो’ कहा जा रहा है. परिवार में 47 साल की मां जोआन एपलबी, उनका 13 साल का बेटा ऑस्टिन एपलबी, 12 साल का छोटा बेटा बो और 8 साल की बेटी ग्रेस शामिल थे. वे 30 जनवरी 2026 को छुट्टियां मनाने क्विंडालुप आए थे, जो पर्थ से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण में है. 

हॉलीवुड फिल्मों में आपने देखा होगा कि हीरोइन को बचाने के लिए हीरो शार्क के तालाब में कूद जाता है. ऐसा हकीकत में हुआ, लेकिन यहां 13 साल का बच्चा अपनी मां को बचाने के लिए कूद गया.

शुरुवाती मौसम में शांत लग रहा था, लेकिन तेज हवाओं और लहरों की वजह से उनका पैडलबोर्ड और कयाक (बोट) बहने लगा. दोपहर के आसपास उनका कयाक पलट गया, एक पैडल खो गया और वे तेजी से समुद्र की ओर बहने लगे. ऑस्टिन ने मदद के लिए कयाक से तट की ओर लौटने की कोशिश की, लेकिन कयाक में पानी भरने लगा और वह डूबने लगा. ऑस्टिन ने कयाक छोड़ दिया और तैरना शुरू कर दिया. वह शार्क से भरे पानी में लगभग 4 किलोमीटर तैरता रहा.

पहले दो घंटे उसने लाइफ जैकेट पहने हुए तैराई की, लेकिन लगा कि जैकेट उसे धीमा कर रहा है और वह नहीं पहुंच पाएगा, तो उसने जैकेट भी उतार दिया. अगले दो घंटे वह बिना जैकेट के तैरता रहा. उसने ब्रेस्टस्ट्रोक, फ्रीस्टाइल और सर्वाइवल बैकस्ट्रोक जैसे अलग-अलग स्टाइल इस्तेमाल किए. तैरते हुए ऑस्टिन खुद को मोटिवेट करता रहा. उसने मीडिया न्यूज को बताया, ‘मैं बस बार-बार कहता रहा नॉट टुडे, नॉट टुडे, नॉट टुडे.’ वह कहता रहा ‘जस्ट कीप स्विमिंग, जस्ट कीप स्विमिंग.’ चार घंटे बाद वह तट पर पहुंचा, जहां थकान से गिर पड़ा, लेकिन फिर उठा और 2 किलोमीटर दौड़कर किसी के पास फोन पहुंचा. शाम 6 बजे उसने अलार्म बजा दिया.

इसके बाद बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ. वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया वॉटर पुलिस, लोकल मरीन रेस्क्यू वॉलंटियर्स और रेस्क्यू हेलीकॉप्टर शामिल हुए. हेलीकॉप्टर ने शाम 8:30 बजे मां और दो बच्चों को ढूंढ लिया. वे एक पैडलबोर्ड से चिपके हुए थे और तट से करीब 14 किलोमीटर दूर बह चुके थे. उन्होंने लाइफ जैकेट पहने हुए थे, जिसकी वजह से वे इतने घंटों तक जीवित रहे. वॉलंटियर मरीन रेस्क्यू बोट ने उन्हें बचाकर तट पर लाया. पैरामेडिक्स ने चेक किया, अस्पताल में भर्ती किया गया और बाद में कोई चोट नहीं होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया. परिवार ने रेस्क्यू टीम को धन्यवाद दिया.

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