Bihar News: बिहार में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है। चुनाव से पहले राज्य की सियासत में एसआईआर का मुद्दा छाया हुआ है। टीएमसी का आरोप है कि एसआईआर में काफी संख्या में लोगों के नाम काटे गए हैं। वहीं, जिंदा लोगों को भी मृत घोषित कर दिया है। ममता बनर्जी ने एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसपर आज सुनवाई भी होनी है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता बनर्जी

सीएम ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं। दरअसल ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में मांग की है कि पश्चिम बंगाल में चल रही मतदाता सूची की यह पूरी प्रक्रिया रद्द की जाए और 2026 के विधानसभा चुनाव केवल 2025 की मौजूदा मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं।

मिली खबरों के मुताबिक ममता बनर्जी अपनी याचिका पर खुद ही बहस करना चाहती हैं, उन्होंने कानून की पढ़ाई की है और उनके पास LLB की डिग्री है। ऐसे में यदि अदालत उन्हें इस बात की अनुमति देता है तो अपनी याचिका पर बहस करने वाली वह मौजूदा पहली महिला मुख्यमंत्री होंगी।

‘SIR से किसी मतदाता को परेशानी नहीं’

इस मुद्दे पर बिहार सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। दिलीप जायसवाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि, SIR के मुद्दे पर पूरे देश की जनता इस बात को जानती है कि चुनाव आयोग बहुत पारदर्शिता के साथ अपना काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि, जनता में इसको लेकर कहीं कोई विरोध नहीं है। बिहार की जनता ने SIR की पारदर्शिता को देखा, किसी मतदाता को कोई दिक्कत नहीं हुई। ममता बनर्जी द्वारा SIR का विरोध करना इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि TMC का धरातल बंगाल में समाप्त होने वाला है।

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