रायपुर। केंद्रीय बजट 2025-26 में पर्यटन क्षेत्र को लेकर की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कमर कस ली है. छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए चेम्बर ने आईआरसीटीसी (IRCTC) के साथ हाथ मिलाने की तैयारी की है. चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं DRUCC मेंबर लोकेश चंद्रकांत जैन ने 3 फरवरी को IRCTC के क्षेत्रीय अधिकारियों से मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य एजेंडा छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के माध्यम से व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करना रहा.

75% खर्च उठाएगी सरकार

बैठक में छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक केंद्रों को IRCTC के विशेष टूर पैकेज से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई:

  • छत्तीसगढ़ शासन के ‘जनदर्शन’ के माध्यम से आम नागरिक सीधे IRCTC से संपर्क कर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के लिए टिकट बुक कर सकते हैं. 
  • इस योजना के तहत यात्रा खर्च का 75 प्रतिशत हिस्सा शासन द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि यात्री को केवल 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा.

अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा पर्यटन

मुलाकात के दौरान लोकेश चंद्रकांत जैन ने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकसित होने से न केवल छत्तीसगढ़ की छवि सुधरेगी, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसाय, परिवहन और हस्तशिल्प व्यापारियों को बड़ा बाजार मिलेगा.

लोकेश चंद्रकांत जैन का बयान: “पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. यदि IRCTC के सहयोग से हम बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पैकेज तैयार करते हैं, तो हमारे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और व्यापारियों के लिए व्यापार के नए द्वार खुलेंगे.”

चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में संस्था लगातार शासन-प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है, ताकि बजट की घोषणाओं का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के व्यापारिक जगत को मिल सके.