भागलपुर। जिले की तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद UGC के नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, छात्रों की शिकायतों के निस्तारण के लिए एक कमेटी गठित करने के आदेश भी जारी किए गए।
विवाद बढ़ने पर कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा ने कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे को शो-कॉज नोटिस जारी किया और आदेश को रद्द करने के निर्देश दिए। कुलपति ने कहा कि मेरी अनुमति के बिना UGC के नए नियम लागू किए गए।
ABVP के कार्यकर्ताओं का हंगामा
नोटिस जारी होने के बाद छात्र संगठन ABVP ने हंगामा शुरू कर दिया। ABVP के कार्यकर्ता कुणाल पांडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही UGC बिल पर अंतरिम रोक लगा चुका है। ऐसे में विश्वविद्यालय का आदेश प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
ABVP ने कहा कि इससे छात्र, शिक्षक और कॉलेज प्रशासन भ्रमित हैं। उनका कहना है कि न्यायालय में विचाराधीन मामले में प्रशासनिक आदेश जारी करना असंवैधानिक और शैक्षणिक मर्यादाओं के खिलाफ है। संगठन ने पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करने की मांग करते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप भी मांगा।

कुलपति बोले – बिना सहमति के आदेश जारी नहीं किया जा सकता
कुलपति ने पत्र संख्या DSW/23/26 (02.02.2026) को रद्द करते हुए कहा कि यह गलती से मेरी अनुमति के बिना जारी हुआ था। अब इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और हुई असुविधा के लिए खेद है।
सुप्रीम कोर्ट की रोक
29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भेदभाव रोकने वाले UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा कि नियम अस्पष्ट हैं और उनके दुरुपयोग की आशंका है। नए नियम 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए थे, जिनका छात्रों के बीच समर्थन और विरोध दोनों चल रहा है।
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