चंडीगढ़। पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब उनके वेतन से हर महीने 200 रुपए पंजाब राज्य विकास कर के नाम पर काटे जाएंगे। यह सर्कुलर परिवार कल्याण चंडीगढ़ से जारी हुआ है। मानसिक स्वास्थ्य शाखा के उप निदेशक ने कहा- कटौती न करना मतलब नियम तोड़ना है।

क्यों कटेगा टैक्स

विभाग ने पंजाब राज्य विकास कर अधिनियम 2018 (धारा 4 (3)) और नियम 2018 (नियम 12) का हवाला दिया। डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिसबसिंग ऑफिसर) को वेतन देते वक्त ही 200 रुपये काटकर ई-चालान से खजाने में जमा करने होंगे। लेकिन राहत की बात- सिर्फ वही कर्मचारी जिनकी सालाना कर योग्य आय 2.5 लाख से ज्यादा है। उनका ही टैक्स कटेगा।

सेहत विभाग के लगभग 15 हजार कर्मियों पर पड़ेगा बोझ

गुरप्रीत सिह, नेता कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ने बताया कि पंजाब सरकार ने कुछ समय पहले जारी पत्र में आदेश दिए थे कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का पंजाब स्टेट डेवल्पमेंट टैक्स नहीं कटेगा। लेकिन अब नए आदेश दे दिए गए हैं। इसका राज्य के लगभग 1 लाख कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। अकेले स्वास्थ्य विभाग के 15 हजार के करीब कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी इस दायरे में आ सकते हैं। यह ऐसे कर्मचारी है, जिनका वेतन 20 हजार के करीब है।

यह कर्मचारी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं, लेकिन उनको हर साल 2400 रुपए अलग से देना पड़ेगा। इसका कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी विरोध करेंगे। सरकार को यह फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए। वहीं, कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि आदेश वापस नहीं लिए तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।