पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन राज्य सरकार ने बड़ी घोषणाएं करते हुए कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को राहत दी। 3 फरवरी को 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करने के बाद बजट पर चल रही चर्चा के दौरान सरकार ने सदन में ऐलान किया कि अब विधायकों, विधान पार्षदों, सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप के सवाल के जवाब में सरकार ने यह घोषणा की। इस फैसले से प्रदेश के करीब 10 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के खर्च को लेकर होने वाली परेशानियों से अब उन्हें राहत मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। विधायक आई.पी. गुप्ता के सवाल पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार जल्द ही PPP नीति का ऐलान करेगी।
बेतिया और मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टरों की अनुपस्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही, सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए भी नई नीति तैयार की जा रही है, ताकि अस्पतालों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें


