अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल के रेल चिकित्सालय में इलाज के दौरान एक हृदय रोगी की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही, गलत इलाज और समय पर रेफर न करने का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद अस्पताल में तनाव का माहौल बना रहा, जबकि इस मामले में अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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जानकारी के अनुसार 69 वर्षीय जामवंत सिंह चौहान, जो रेलवे सुरक्षा बल से सेवानिवृत्त हैं, जिनको 3 फरवरी को हृदय संबंधी समस्या होने पर डीडीयू मंडल के लोको-रेल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही थी और अस्पताल में पर्याप्त कार्डियक सुविधाएं न होने के कारण पिछले तीन दिनों से उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की मांग की जा रही थी, लेकिन चिकित्सकों ने बार-बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया.
मृतक के पुत्र का आरोप है कि मरीज को समय रहते रेफर नहीं किया गया और हालत बिगड़ने पर भी उचित कदम नहीं उठाए गए. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज को बार-बार नींद का इंजेक्शन दिया जाता रहा और सही इलाज नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई. उनका कहना है कि यदि समय पर रेफर कर दिया जाता तो संभवतः मरीज की जान बच सकती थी.
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मरीज की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर सुविधाओं के अभाव और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की है और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
परिजनों का यह भी कहना है कि मंडल रेल चिकित्सालय में रेफर न करने और सुविधाओं की कमी को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं. स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा भी इस तरह की लापरवाही पर नाराजगी जताई जा चुकी है, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ. घटना के बाद अस्पताल में कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास किया. फिलहाल इस पूरे प्रकरण में जांच की मांग उठ रही है और परिजन न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं. अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.
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