गोपालगंज। जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया गांव में शुक्रवार का सूरज दो परिवारों के लिए काल बनकर आया। यहाँ एक स्कूल बस के झोपड़ी में घुस जाने से गहरी नींद में सो रहे दो सगे चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे में एक गर्भवती महिला भी मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे की मुख्य वजह ड्राइवर के भाई की घोर लापरवाही बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटेया थाना क्षेत्र के जमुनहा स्थित एक निजी स्कूल की बस का चालक अब्बास दोपहर में बस लेकर अपने घर आया था। जब चालक खाना खाने के लिए घर के अंदर गया, तभी उसके भाई सफरुद्दीन ने अनाड़ीपन दिखाते हुए बस की चाबी ले ली और उसे चलाने का प्रयास करने लगा। बिना किसी अनुभव के स्टियरिंग थामने का नतीजा यह हुआ कि बस अनियंत्रित होकर सीधे सड़क किनारे स्थित एक झोपड़ी को रौंदते हुए अंदर जा घुसी। गनीमत यह रही कि बस में सवार करीब 20 स्कूली बच्चे सुरक्षित रहे, लेकिन झोपड़ी में सो रहे मासूमों के लिए यह बस साक्षात यमराज बन गई।

आरिश अपने चार बहनों के बीच इकलौता भाई था

इस हृदयविदारक घटना ने जिन दो मासूमों को छीना है, उनमें 4 वर्षीय आरिश और 2.5 वर्षीय इंताज शामिल हैं। आरिश अपने चार बहनों के बीच इकलौता भाई था, जिसे उसकी मां ने बड़ी मन्नतों और कठिन छठ व्रत के बाद पाया था।

बस चालक को हिरासत में ले लिया

मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले इन पिता की गोद अब सूनी हो गई है। गांव के लोगों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही गोपालपुर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और बस चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने दोनों मासूमों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और स्कूल प्रबंधन सहित दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।