Mahashivratri 2026: मां पार्वती ने लिया 108 बार जन्म, अंतिम जन्म में बनीं भगवान शिव की अर्धांगिनी
Mahashivratri 2026: मां पार्वती ने लिया 108 बार जन्म, अंतिम जन्म में बनीं भगवान शिव की अर्धांगिनी
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर शिव और शक्ति का मिलन हुआ था
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लेकिन क्या आप जानते हैं इस विवाह के लिए देवी पार्वती ने 108 बार जन्म लिया था? आइए जानते हैं ये अद्भुत कथा.
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इस साल महाशिवरात्रि का ये पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा
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पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, माता पार्वती जी ने शिव जी की अर्धांगिनी बनने के लिए 108 बार जन्म लिया.
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, माता पार्वती जी ने शिव जी की अर्धांगिनी बनने के लिए 108 बार जन्म लिया.
वो 108वीं बार में पार्वती जी बनकर धरती पर आईं. पार्वती जी के स्वरूप से पहले वो प्रजापति दक्ष के यहां कन्या के रूप में जन्मी थीं.
वो 108वीं बार में पार्वती जी बनकर धरती पर आईं. पार्वती जी के स्वरूप से पहले वो प्रजापति दक्ष के यहां कन्या के रूप में जन्मी थीं.
उस जन्म में भी उन्होंने प्रेम से वशीभूत होकर शिव संग प्रेम विवाह किया था.
उस जन्म में भी उन्होंने प्रेम से वशीभूत होकर शिव संग प्रेम विवाह किया था.
सिर्फ पीले बोर्ड पर ही क्यों लिखा जाता है रेलवे स्टेशन का नाम?
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