Rajasthan Politics: अंता उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन की चिट्ठी वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। मोरपाल सुमन ने पार्टी नेतृत्व को जवाब भी सौंप दिया है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि मामला अब बीजेपी की अनुशासन समिति तक पहुंच सकता है, जो सुमन के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।

मोरपाल सुमन ने अंता विधानसभा सीट उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन तीसरे नंबर पर रह गए। हार के बाद उन्होंने पार्टी को पत्र लिखकर अपनी हार के कारण बताए। सुमन ने पत्र में दावा किया कि उनकी ही पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ काम किया। इसके अलावा उन्होंने टिकट की देरी से घोषणा को भी हार की वजह बताया।

प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया नोटिस

चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सुमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना है। फिलहाल इस मामले में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आने वाले दिनों में अनुशासन समिति का निर्णय साफ होगा।

किस नेताओं को बताया जिम्मेदार

सुमन ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की टीम पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के बिजनेस पार्टनर मनोज शर्मा, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, पूर्व विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज मीणा और प्रमोद जैन भैया को भी हार की वजह बताया।

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