भुवनेश्वर : दिसंबर तक 50 प्रतिशत पैसा भी खर्च नहीं हुआ है। जिसे लेकर बीजद ने सीधे राज्य सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष के नेता प्रसन्न आचार्य ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार बजट का पैसा खर्च करने में नाकाम रही है। इसलिए बजट सेशन में दोबारा बजट लाने का कोई मतलब नहीं है। दिसंबर तक राज्य सरकार ने बजट खर्च का सिर्फ 48.28 प्रतिशत ही खर्च किया है। जिसमें से खासकर होम, कॉमर्स, रेवेन्यू, एक्साइज, लेबर, फाइनेंस, पब्लिक एंटरप्राइजेज, स्पोर्ट्स और यूथ अफेयर्स जैसे अहम डिपार्टमेंट में बजट खर्च बहुत निराशाजनक है।

सरकार बजट का पैसा खर्च करने में नाकाम रही है। इसलिए बीजद ने कहा है कि उसे 2026-27 का सालाना बजट लाने का हक नहीं है। मार्च तक मेन बजट के साथ एडिशनल बजट का पैसा खर्च होने का संदेह हो रहा है। कांग्रेस ने कहा कि बजट का पैसा खर्च न होने से राज्य में विकास का काम रुका हुआ है।

राज्य सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के बजट में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। 2024-25 में 2,65,000 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था। और 2025-26 में बजट का साइज़ बढ़ाकर 2,90,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसमें से खेती के लिए सिर्फ़ 37,838 करोड़ रुपये तैयार किए गए। इसके अलावा, सरकार दिसंबर 2025 में 17,440 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा बजट लाई।

डेटा से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने 34.76 रुपये, एक्साइज डिपार्टमेंट ने 41.66 रुपये, MSME डिपार्टमेंट ने 44.22 रुपये और लेबर डिपार्टमेंट ने 40 रुपये कम पैसे खर्च किए हैं। फिर रेवेन्यू मिनिस्टर ने तर्क दिया है कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने कम पैसे क्यों खर्च किए हैं। सरकारी हिसाब-किताब के मुताबिक, दिसंबर तक राज्य सरकार का बजट खर्च 48.28 प्रतिशत हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार फिर से कैसे बड़ा बजट लाने की कोशिश कर रही है ?