Suraj Bihari Murder Case: पूर्णिया के चर्चित सोशल मीडिया ब्लॉगर सूरज बिहारी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी नंदू सिंह, ब्रजेश सिंह और अमन सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं, इससे पहले शुक्रवार को मुख्य शूटर स्नेहिल झा और आदित्य उर्फ आयुष ठाकुर ने मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाने में आत्मसमर्पण किया था। इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
सूरज बिहारी की हत्या उसके ही पिस्टल से छीनकर की गई थी। इस बात का खुलासा आरोपियों से हुई पूछताछ में हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इसकी जानकारी पूर्णिया SP स्वीटी सहरावत ने शनिवार को प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर दी।
SP स्वीटी सहरावत ने बताया कि, हत्या के बाद आरोपियों ने दिल्ली, नोएडा, भोपाल, फरक्का और हावड़ा में शरण ली थी। उन्होंने बताया कि, पुलिस से बचने के लिए ये सभी नेपाल भागने की फिराक में थे। शनिवार को जिले के रुपौली थाना क्षेत्र में तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो आरोपी मुजफ्फरपुर में पकड़े गए। SP स्वीटी सहरावत ने बताया कि, हत्या में शामिल दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। फरार दोनों आरोपियों के खिलाफ भी कुर्की जब्ती का वारंट निकाला गया है।
बता दें कि बीते 27 जनवरी को जिले में मरंगा थाना क्षेत्र के नेवा लाल चौक के पास दिनदहाड़े सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूरज की हत्या के 10 दिन बाद बीते 6 फरवरी को उनके पिता का भी दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग के में सूरज को तीन गोली लगी थी। घटना के समय सूरज बिहारी के गॉर्ड और भाई अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले थे। सूरज की हत्या का आरोप नेवा लाल चौक निवासी दो भाई ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह पर लगा है।
घटना को लेकर मृतक सूरज बिहार के प्राइवेट गॉर्ड प्रेम कुमार ने बताया था कि, सरस्वती पूजा के दिन इंस्टाग्राम रील बनाने को लेकर सूरज बिहारी के भाई उदय यादव और उनके दोस्तों से ब्रजेश और नंदू सिंह की कहासुनी हुई थी। उस दिन ये विवाद किसी तरह सुलझा गया, लेकिन मंगलवार 27 जनवरी की सुबह दोबारा से ब्रजेश और नंदू ने सूरज के छोटे भाई उदय के ब्लॉगर दोस्त को घेर लिया और मारपीट करने लगे। इस पर ब्लॉगर दोस्त ने फोन कर उदय को बुलाया। उदय के वहां पहुंचने पर दोनों ने उसे भी बंधक बना लिया और मारपीट करने लगे।
उदय ने घटना की जानकारी अपने भाई सूरज बिहारी को दी, जिसके बाद वह तुरंत अपने गॉर्ड के साथ नेवा लाल चौक पार्क के सामने पहुंचे। आरोप है कि सूरज बिहार अभी अपने स्कॉर्पियो से उतर ही रहे थे की नंदू और बृजेश सिंह अपने 20-25 गुर्गों के साथ उनपर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगते हैं। फायरिंग के दौरान सूरज बिहारी की तीन गोली लगने से मौत हो गई। उन्हें पीठ, कमर और बाह में गोली लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें


