बेगूसराय। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को जिला कार्यालय कार्यानंद भवन में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत पूर्व सांसद कामरेड सूर्यनारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें याद करने के साथ हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारियों की समीक्षा करना और उसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाना रहा।

किसानों और कृषि अधिकारों पर संकट

​बैठक को संबोधित करते हुए जिला मंत्री व पूर्व विधायक अवधेश कुमार राय ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिका के साथ गुप्त समझौतों के जरिए देश के किसानों को उनके खेती के मौलिक अधिकार से वंचित करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि बीज कानून और विद्युत कानून इसी विदेशी डील का हिस्सा हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी और छोटे किसान बर्बाद हो जाएंगे।

मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध

​नेताओं ने कहा कि सरकार विदेशी खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देकर देश के डेयरी उद्योग और स्थानीय फैक्ट्रियों को बंद करने की राह पर है। मजदूरों के संदर्भ में चर्चा करते हुए कहा गया कि चार नए श्रम कानून (लेबर कोड) असल में ‘काले कानून’ हैं, जो उनके दशकों के संघर्ष से मिले अधिकारों को छीन लेंगे। आंदोलन को दबाने के लिए सरकार दमनकारी हथकंडे अपना रही है, जिसका जवाब 12 फरवरी को सड़कों पर उतरकर दिया जाएगा।

​कॉर्पोरेट हित और फूट डालो-राज करो की नीति

​पूर्व विधायक रामरतन सिंह, सूर्यकांत पासवान और पूर्व एमएलसी उषा सहनी समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रही है। सरकार का जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है; सभी नीतियां केवल कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि CPI अपने सभी जनसंगठनों के साथ मिलकर ‘चट्टानी एकता’ का प्रदर्शन करेगी।