कुमार इंदर, जबलपुर। एमपी के जबलपुर के रामपुर मंडवा की रहने वाली ज्योति और अन्य महिलाओं ने सिविल अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें अस्पताल की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई और एसिड से सफाई के लिए एक महीने पहले काम पर रखा गया था। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि अस्पताल की ओपनिंग के बाद उन्हें स्थायी (परमानेंट) नौकरी दी जाएगी और 9 हजार रुपए का मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके लिए उनसे आधार कार्ड, फोटो और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज भी जमा कराए गए थे।

हालांकि, काम पूरा होने के बाद उन्हें अचानक यह कहकर हटा दिया गया कि अभी काम उपलब्ध नहीं है। जब वे अगले दिन वहां पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि उनकी जगह दूसरे मजदूरों को काम पर लगा दिया गया है। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी गरीबी का फायदा उठाकर उनसे एक महीने तक कड़ी मेहनत करवाई, लेकिन अब न तो उन्हें काम पर रखा जा रहा है और न ही उनके पिछले काम का भुगतान किया जा रहा है।
आधी रात जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 7 जुआरी गिरफ्तार, 19 लाख जब्त
उन्होंने बताया कि अधिकारी अब उनका फोन भी नहीं उठा रहे हैं, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें श्री सर ने काम पर रखा हुआ था। वहीं काम होने पर वरूण तिवारी ने बिना कोई रीजन दिए निकाल दिया और दूसरे कर्मचारी भर्ती कर लिए गए।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


