एपस्टीन फाइल्स (Epstein files) से जुड़े खुलासों ने ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है। उनकी टीम के दो बड़े सहयोगी इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी के अंदर से भी नेतृत्व बदलने की मांग उठी है। विपक्ष हमलावर है। एपस्टीन फाइल्स में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं. दुनियाभर में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेजों ने हड़कंप मचा दिया है. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स जारी किए, जिसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया.
जेफ्री एपस्टीन के दस्तावेजों की आग यूरोप तक पहुंच गई है. ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर का नाम जुड़ने से उनके इस्तीफे की मांग हो रही है. ब्रिटेन में स्टार्मर को लेकर उनकी लेबर पार्टी में ही सांसदों का समर्थन कम हो रहा है।
यौन अपराधी रहे जेफ्री एपस्टीन का भूत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकारों को प्रभावित कर रहा है। इस मामले में नाम आने के बाद ब्रिटेन के चीफ ऑफ स्टाफ को खोने के बाद प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है। सोमवार को स्टार्मर ने अपने लेबर पार्टी के सांसदों को यह समझाने की कोशिश की कि उनका कार्यकाल सिर्फ डेढ़ वर्ष का ही रहा है इसलिए वे उन्हें पद से न हटाएं।
80 से ज्यादा ताकतवर लोगों पर जांच चल रही है. इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल है. कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी हैं. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं. इनमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का भी नाम जुड़ गया है और मामला इतना बढ़ गया है कि उनके इस्तीफे की मांग जोर पकड़ चुकी है.
जानकारी है की लेबर पार्टी कीर स्टार्मर को माफ करने के मूड में नहीं है. इस वजह से उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही हैं, जबकि उन्हें प्रधानमंत्री बने सिर्फ 18 महीने ही हुए हैं. स्टॉर्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने 8 फरवरी 2026 को इस्तीफा दे दिया था. मॉर्गन का कनेक्शन एपस्टीन फाइल्स से है. इन फाइलों में स्टार्मर का सीधा नाम नहीं है, लेकिन उनपर पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने का आरोप है, जिसके जेफ्री एपस्टीन से संबंध थे. पीटर को नियुक्त करने की सलाह मॉर्गन ने ही दी थी.
कीर स्टार्मर के प्रवक्ता ने 9 फरवरी 2026 को बयान देते हुए कहा, ‘आज सुबह कर्मचारियों को संबोधित करने के बाद स्टारमर का मूड उत्साहित और आत्मविशास से भरा है.’ प्रवक्ता ने इस बात से भी इनकार किया कि प्रधानमंत्री बीते दिनों से अपने पद पर विचार कर रहे थे. उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यह वह प्रधानमंत्री नहीं हैं जो आज सुबह कर्मचारियों के सामने पेश हुए थे. वह पूरे देश में बदलाव लाने के लिए काम में लगे हुए हैं.
इस दौरान लंदन में 10 डाउनिंग स्ट्रीट का भी बयान सामने आ गया है. स्ट्रीट का कहना है कि कीर स्टारमर इस्तीफा नहीं दे रहे हैं और ‘अपने मौजूदा काम पर ध्यान केंद्रित करेंगे.’
ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली के तहत, राष्ट्रीय चुनाव की आवश्यकता के बिना प्रधानमंत्री को बदला जा सकता है। यदि स्टार्मर को चुनौती दी जाती है या वे इस्तीफा देते हैं, तो लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए चुनाव होंगे। चुनाव में जीतने वाला पीएम बनेगा।
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