अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति ने मंगलवार से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की शुरुआत की। सदर अस्पताल परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उप विकास आयुक्त विजय कुमार पांडे एवं सिविल सर्जन डॉ मणिराज रंजन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, इसके बाद उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने दवा का खुद सेवन कर लोगों से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा अभियान

इस अवसर पर डीडीसी विजय कुमार पांडे ने कहा कि एमडीए (सर्वजन दवा सेवन) सरकार की महत्वाकांक्षी अभियान है। यह अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा और 11 प्रखंडों के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 17 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सामुदायिक स्तर पर फाइलेरिया एवं एमडीए के विषय में जागरूकता भी फैलाई जाएगी।

दवा पूरी तरह सुरक्षित

वहीं सिविल सर्जन डॉक्टर मणिराज रंजन ने कहा कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन दवा खाने के बाद कभी-कभी साइड इफेक्ट्स जैसे बुखार, चक्कर, मिचली या उल्टी आ सकती है। इस प्रकार की विषम परिस्थितियों में बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि 2 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को फाइलेरिया की दोनों दवा खिलाई जाएगी। 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रूप से पीड़ित लोगों को यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने हेतु आशा एवं आंगनबाड़ी लक्षित समुदाय को फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी तथा आशा एवं आंगनबाड़ी यह सुनश्चित करेंगी कि उनके सामने हीं लोग दवा का सेवन करें।

क्या है फाइलेरिया?

फाइलेरिया को हाथीपावं रोग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक दर्दनाक रोग है, जिसके कारण शरीर के अंगों में सूजन आ जाती है। यह क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लसिका (लिम्फैटिक) प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है। मौके पर डीएस डॉ आसित रंजन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉक्टर आरकेपी साहू, ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ संध्या कुमारी, डॉ बी के पुष्कर, डॉ मधुकर सहित अन्य चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद रहे।