सुप्रिया पांडेय, रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हो गया, जब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेशभर में एक ही दिन में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। इसका मुख्य कार्यक्रम रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में 1,316 जोड़ों का विवाह कराया गया।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक और निगम मंडल के अध्यक्ष शामिल हुए। सभी जनप्रतिनिधि पारंपरिक साफा बांधकर बाराती की भूमिका में नजर आए। वहीं मुख्यमंत्री ने मंच से नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक विवाहित जोड़े के खाते में 35 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है, जबकि 15 हजार रुपये उपहार सामग्री और विवाह आयोजन पर खर्च किए गए हैं। बलौदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
विभिन्न समाजों के जोड़े, आत्मसमर्पित नक्सलियों का भी विवाह
प्रदेश में हुए विवाहों में 6,281 हिंदू रीति, 10 बैगा जनजाति, 3 मुस्लिम, 5 बौद्ध और 13 ईसाई समाज के जोड़े शामिल रहे। खास बात यह रही कि 6 आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के विवाह भी सामूहिक आयोजन में कराए गए। गरियाबंद में 4, जबकि सुकमा और दंतेवाड़ा में एक-एक जोड़े का विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री ने गरियाबंद के आत्मसमर्पित नक्सली दंपति से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर उन्हें दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ भी किया। पहले चरण में 6 माह से 52 माह तक के 40 हजार कुपोषित बच्चों को शामिल किया जाएगा। अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मजाकिया अंदाज में गुरु खुशवंत साहेब पर ली चुटकी
कार्यक्रम में मंच से महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत इसी स्थल पर युवा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का विवाह कराने की भी इच्छा थी, लेकिन उन्हें कन्या नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अगली बार जब कन्या विवाह का आयोजन होगा, तब गुरु खुशवंत साहेब का विवाह भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय का संबोधन
वहीं मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि नया जीवन शुरू करने वाले बेटी-दामाद को शुभकामनाएं। छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। आज 6 हजार 412 जोड़ों ने अपना नया जीवन शुरू किया। उनका दांपत्य जीवन सुखमय और मंगलमय हो। यह योजना वर्ष 2005 में डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में शुरू की गई थी। पहले बेटी की शादी को लेकर परिवारों को चिंता रहती थी। आर्थिक समस्याएं होती थीं, पिता को कर्ज लेना पड़ता था और बेटी की शादी के कई साल बाद तक कर्ज चुकाना पड़ता था। डॉ. रमन सिंह बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने इस योजना की शुरुआत की। यह एक बहुत अच्छी योजना है। अलग-अलग शादी होती तो इतने लोग एक साथ आशीर्वाद देने नहीं पहुंच पाते। हमारी सरकार को अब दो साल पूरे हो गए हैं। प्रदेश में एक ही दिन में 6 हजार 412 जोड़ों के विवाह के साथ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह में एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। रायपुर सहित प्रदेश के कई स्थानों पर कुल 6 हजार 412 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। आज दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं। इसमें मुस्लिम समाज के 3, ईसाई समाज के 13, सहित विभिन्न समाजों के लोग और आत्मसमर्पित नक्सली भी विवाह के बंधन में बंधे हैं।
नक्सलवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नक्सलवाद को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे बिल्कुल असत्य कह रहे हैं। जब हम सरकार में आए, उसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अगले ही महीने छत्तीसगढ़ आए और नक्सलवाद की समीक्षा की। समीक्षा में पता चला कि देश का 75 प्रतिशत नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में है और शेष 25 प्रतिशत अन्य राज्यों में फैला हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके बयान में कितनी सच्चाई है।
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