अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने गायब पावन स्वरूपों के मामले में गठित एसआईटी में अमृतधारी सिख अधिकारियों को शामिल करने के आदेश दिए हैं। गड़गज ने कहा कि गैर अमृतधारी सिख अधिकारियों की ओर से की जा रही जांच के दौरान सिख मर्यादा का उल्लंघन हो रहा है। आप सरकार साबत सूरत अमृतधारी सिखों पर आधारित सिट बनाए।

उन्होंने एसजीपीसी की इजाजत के बिना सीआईए स्टाफ के श्री हरमंदर साहिब की परिक्रमा में दाखिल होने पर नोटिस लेते हुए सरकार को चेताया कि अगर भविष्य में ऐसा हुआ तो सख्त कार्रवाई होगी। एसजीपीसी से भी इस संबंधी रिपोर्ट तलब की है। जत्थेदार ने मार्च में श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित होने वाले होल्ला महल्ला पर्व के दौरान रंगों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। जत्थेदार ने संगत पर किसी भी तरह का रंग फेंकने की रोक लगा दी है। उन्होंने जिला प्रशासन से भी होला महल्ला के दौरान रंगों की बिक्री पर पाबंदी लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने संगत को होली नहीं, बल्कि होला महल्ला मनाने की हिदायत दी है।

जत्थेदार ने बरनाला से कथावाचक गुरजंट सिंह द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के प्रति आपत्तिजनक शब्दावली का गलत इस्तेमाल करने के नतीजतन कथा-कीर्तन करने पर अगले आदेश तक पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। गड़गज ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सिखों को हिंदू कौम का अंश बताने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सिख एक अलग कौम है। उन्होंने कहा कि यह कौम किसी भी अन्य धर्म या समुदाय का हिस्सा नहीं है। उन्होंने दोहराया कि हर सिख को कम से कम 3 बच्चे अवश्य पैदा करने चाहिए।