गौरव जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर निर्धारित प्रोटोकॉल के स्थान के बजाय दूसरी जगह लैंड हो गया। इसके बाद हड़कंप मच गया और जिला प्रशासन के अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। हेलीकॉप्टर के दूसरी जगह उतरने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अरपा महोत्सव और जिले के छठवें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने गौरेला–पेंड्रा–मरवाही पहुंचे है। विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद उनका नाइट हॉल्ट भी गौरेला में है। प्रोटोकॉल के अनुसार उनका हेलीकॉप्टर पेंड्रा हेलीपैड में उतरना था, लेकिन पेंड्रा हेलीपैड की जगह उनका हेलीकॉप्टर गौरेला गुरुकुल स्कूल में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड में उतरा। प्रोटोकॉल के अनुसार हेलीपैड में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर नहीं उतरने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन के अफसरों के हाथ-पांव फूल गए और सभी भागते-दौड़ते गुरुकुल हेलीपैड पहुंचे।
मौसम खराब होने पर की जाती है हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
गौरतलब है कि अक्सर मौसम खराब होने पर हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की जाती है। कई बार ऐसा होता है कि मुख्यमंत्री का कहीं दौरा हो और राजधानी वापसी के समय मौसम खराब हो जाए या रात हो जाए, तब मुख्यमंत्री की सड़क मार्ग से राजधानी वापसी होती है। लेकिन यहां अचानक मौसम साफ होने के बावजूद मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के निर्धारित स्थान से अलग जगह पर लैंड करने से सरगर्मी फैल गई।
10 मिनट तक खड़ा रहा सीएम का हेलीकॉप्टर
जानकारी के अनुसार पेंड्रा हेलीपैड की जगह गौरेला गुरुकुल के हेलीपैड में लैंडिंग होने के बाद 10 मिनट तक सीएम का हेलीकॉप्टर वहीं खड़ा रहा। इसके बाद पायलट ने हेलीकॉप्टर को उड़ाकर पेंड्रा हेलीपैड पहुंचाया, जहां पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे।
सुरक्षा के लिहाज से इसे बड़ी चूक माना जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच मिस कम्युनिकेशन के चलते ऐसे हालात बने। हालांकि, यह जांच का विषय है।
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