यह है दुनिया का पहला वाई फाई देश, जहां लोगों को मिलता है फ्री वायरलेस इंटरनेट
यह है दुनिया का पहला वाई फाई देश, जहां लोगों को मिलता है फ्री वायरलेस इंटरनेट
दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसने अपने देश की जनता को फ्री वाई-फाई नेटवर्क दिया.
दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसने अपने देश की जनता को फ्री वाई-फाई नेटवर्क दिया.
2003 में साउथ पेसिफिक ओशन में बसा नीयू दुनिया का पहला वाई-फाई देश बन गया था.
2003 में साउथ पेसिफिक ओशन में बसा नीयू दुनिया का पहला वाई-फाई देश बन गया था.
इसने पूरे देश में फ्री वायरलेस इंटरनेट एक्सेस दिया. यह ऐसे समय में हुआ जब दुनिया का ज्यादातर हिस्सा डायल-अप कनेक्शन के लिए जूझ रहा था.
इसने पूरे देश में फ्री वायरलेस इंटरनेट एक्सेस दिया. यह ऐसे समय में हुआ जब दुनिया का ज्यादातर हिस्सा डायल-अप कनेक्शन के लिए जूझ रहा था.
पूरे आइलैंड में रहने वालों, टूरिस्ट, सरकारी ऑफिस और बिजनेस विजिटर को फ्री वायरलेस इंटरनेट देना था.
पूरे आइलैंड में रहने वालों, टूरिस्ट, सरकारी ऑफिस और बिजनेस विजिटर को फ्री वायरलेस इंटरनेट देना था.
कम आबादी और लिमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर वाले देश के लिए वायरलेस कनेक्टिविटी अंडरग्राउंड केबल बिछाने से ज्यादा प्रैक्टिकल थी.
कम आबादी और लिमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर वाले देश के लिए वायरलेस कनेक्टिविटी अंडरग्राउंड केबल बिछाने से ज्यादा प्रैक्टिकल थी.
फ्री इंटरनेट सर्विस के लिए इस देश के कंट्री कोड इंटरनेट डोमेन .nu के रजिस्ट्रेशन से हुई कमाई का इस्तेमाल किया गया.
फ्री इंटरनेट सर्विस के लिए इस देश के कंट्री कोड इंटरनेट डोमेन .nu के रजिस्ट्रेशन से हुई कमाई का इस्तेमाल किया गया.
यह डोमेन इंटरनेशनल लेवल पर खासकर यूरोप में पॉपुलर हो गया. इसके बाद इससे होने वाली कमाई को यहां के वायरलेस नेटवर्क को बनाने और मेंटेन करने में लगाया गया.
यह डोमेन इंटरनेशनल लेवल पर खासकर यूरोप में पॉपुलर हो गया. इसके बाद इससे होने वाली कमाई को यहां के वायरलेस नेटवर्क को बनाने और मेंटेन करने में लगाया गया.