Som Distilleries Shares : शराब बनाने वाली कंपनी सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज के शेयरों में बुधवार 11 फरवरी को भारी गिरावट देखने को मिली. बाजार खुलते ही निवेशकों ने शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे शुरुआती कारोबार में स्टॉक करीब 11.7 फीसदी गिरकर 84.85 रुपये तक आ गया. इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी के तिमाही नतीजे रहे, जो बाजार की उम्मीदों से काफी कमजोर निकले.

मुनाफे में 76% की भारी गिरावट

Som Distilleries Shares: दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा घटकर 4.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 19.2 करोड़ रुपये था. यानी सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 76 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. कमजोर प्रॉफिट रिपोर्ट सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा डगमगा गया और शेयरों में मुनाफावसूली तेज हो गई.

रेवेन्यू और मार्जिन पर बढ़ा दबाव

Som Distilleries Shares: कंपनी की आमदनी भी इस तिमाही में दबाव में रही. साल-दर-साल आधार पर रेवेन्यू 16.8 फीसदी घटकर 250.5 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 301.1 करोड़ रुपये था. प्रीमियम शराब और बीयर सेगमेंट में डिमांड कमजोर रहने और लागत बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर भी असर पड़ा.

EBITDA में 45% की गिरावट, चिंता बढ़ी

ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई. यह 36.4 करोड़ रुपये से घटकर 19.9 करोड़ रुपये रह गया, यानी करीब 45.4 फीसदी की कमी. वहीं, EBITDA मार्जिन भी गिरकर 7.9 फीसदी पर आ गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में करीब 12 फीसदी था. मार्जिन में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का संकेत मानी जा रही है.

52 हफ्ते के निचले स्तर के करीब पहुंचा शेयर

कमजोर नतीजों के बाद शेयर इंट्राडे में 84.85 रुपये तक गिर गया, जो इसके 52 हफ्तों के निचले स्तर 83.50 रुपये के काफी करीब है. हालांकि, दिन में बाद में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और स्टॉक करीब 8 फीसदी की गिरावट के साथ 88 रुपये के आसपास ट्रेड करता नजर आया.

छह महीने में 42% तक टूट चुके शेयर

Som Distilleries Shares: अगर पिछले छह महीनों की बात करें, तो सोम डिस्टिलरीज के शेयर करीब 42 फीसदी तक गिर चुके हैं. जैसे कारणों की वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है, जिसका असर शेयरों पर साफ दिख रहा है.

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

जानकारों के मुताबिक, जब तक कंपनी की कमाई और मार्जिन में सुधार नहीं होता, तब तक स्टॉक पर दबाव बना रह सकता है. निवेशकों को फिलहाल कंपनी के अगले नतीजों और मैनेजमेंट के आउटलुक पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है.