सोहराब आलम/ मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के दर्पा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां पढ़ाई को लेकर माता-पिता द्वारा दी गई मामूली डांट से आहत होकर एक स्कूली छात्रा ने घर छोड़ दिया। घर से बिना बताए निकलने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। काफी खोजबीन के बाद जब बेटी का कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने दर्पा थाना में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी।

​जीआरपी की सतर्कता और सफलता

खोजबीन के दौरान मोतिहारी जीआरपी को सूचना मिली कि एक संदिग्ध लड़की स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही है। जीआरपी थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की को अपनी सुरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान छात्रा ने स्वीकार किया कि वह अपने माता-पिता से नाराज होकर कहीं दूर भागने की फिराक में थी। जीआरपी की सूझबूझ से छात्रा को गलत हाथों में पड़ने या किसी अनहोनी का शिकार होने से ऐन वक्त पर बचा लिया गया।

​परिवार में लौटी खुशियां

जीआरपी ने छात्रा की बरामदगी की सूचना तुरंत उसके परिजनों और दर्पा थाना को दी। सूचना मिलते ही परिजन मोतिहारी पहुंचे, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बेटी को उन्हें सौंप दिया गया। सुरक्षित घर वापसी पर छात्रा की मां ने पुलिस और जीआरपी का आभार व्यक्त किया। वहीं, छात्रा ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए सुरक्षित वापस पाकर राहत जताई। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि समय पर सूचना मिलने और त्वरित एक्शन की वजह से बच्ची को सकुशल बरामद करना संभव हो पाया।