अभिषेक सेमर, तखतपुर। तखतपुर नगर पालिका अध्यक्ष पूजा मक्कड़ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को नगर से 6 किलोमीटर दूर लीदरी स्थानांतरित किए जाने के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नगर में संचालित एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दूर शिफ्ट किए जाने से नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

नगरवासियों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए पार्षद मुन्ना श्रीवास और शैलेंद्र निर्मलकर ने इस मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में उल्लेख किया गया कि स्वास्थ्य केंद्र के दूर चले जाने से विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आपात स्थिति में समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि रात्रि के समय यदि किसी महिला को प्रसव पीड़ा होती है तो अस्पताल की दूरी के कारण परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार समय पर उपचार न मिलने का खतरा भी बना रहता है। इसी मुद्दे को लेकर लगातार जनआंदोलन और विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे।

मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने नगर से दूर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने पर चिंता व्यक्त की। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आगामी 30 मार्च तक पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में सिटी डिस्पेंसरी प्रारंभ की जाए, ताकि नगरवासियों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब भी तलब किया गया है।

नगर पालिका अध्यक्ष पूजा मक्कड़ ने कहा कि यह निर्णय नगर की जनता की जीत है। उन्होंने न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी।

वहीं मौजूद कांग्रेस नेताओं ने इसे जनहित में ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को पुनः सुचारू करने के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। नगरवासियों ने भी न्यायालय के इस आदेश का स्वागत किया है और जल्द से जल्द सिटी डिस्पेंसरी शुरू होने की उम्मीद जताई है।

तखतपुर नगर में लगभग 30 हजार की आबादी निवास करती है, जिनकी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए नगर में मात्र एक ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित था। वर्तमान में उस स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है, जिससे नगरवासियों को बुनियादी शासकीय चिकित्सा सुविधा के लिए 6-7 किलोमीटर दूर ग्राम लिदरी जाना पड़ रहा है। अस्पताल बंद होने से विशेषकर गरीब, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और आपातकालीन मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासियों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए एकमात्र सरकारी अस्पताल का बंद होना बेहद चिंताजनक स्थिति है।

विधायक धर्मजीत सिंह का बयान

तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय का आदेश और निर्देश सर्वोपरि है तथा शासन-प्रशासन उसका पालन करने के लिए बाध्य है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी उच्च न्यायालय के आदेश के तहत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लीदरी स्थानांतरित किया गया था। अब यदि न्यायालय ने नगर के पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में पुनः अस्पताल को सिटी डिस्पेंसरी के रूप में प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं, तो वे इस निर्णय का पूर्णतः स्वागत करते हैं।

विधायक धर्मजीत सिंह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसियों कि बुद्धि पर तरस आता है। पहले अस्पताल भवन के लिए स्थान चयन में गंभीर त्रुटियां की गईं और बाद में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को विधिवत स्थानांतरित किया गया, तो उसी का विरोध कर आंदोलन और जुलूस निकाले गए। उन्होंने कहा कि यह दोहरी नीति जनता को गुमराह करने वाली है।

विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल तखतपुर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और न्यायालय के निर्देशानुसार जो भी निर्णय होगा, उसका सम्मानपूर्वक पालन किया जाएगा।

सीएमएचओ का बयान

वहीं इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) सुभा गरेवाल ने कहा कि यदि नगर की जनता की मांग पुराने स्वास्थ्य केंद्र भवन में सिटी डिस्पेंसरी संचालित करने की है, तो इस विषय में राज्य शासन को विधिवत प्रस्ताव एवं पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नगरवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा