पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सदन में 2026-27 के आय-व्यय पर चर्चा होनी है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए अनोखे तरीके अपनाए हैं।

​काले मास्क और पोर्टिको में प्रदर्शन

​कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा में प्रवेश किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे वह चुप हैं, वैसे ही सरकार राज्य में बढ़ते अपराध पर चुप्पी साधे हुए है। वहीं, RJD विधायकों ने विधानसभा पोर्टिको में ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ’ के पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार आज अपराध और बेरोजगारी में अव्वल बन चुका है।

​मुर्गी-बकरी बनाम अडाणी-अंबानी पर रार

​बीते दिन सदन के भीतर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर तीखी बहस हुई। RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ बड़ी सड़कों के ठेके अडाणी-अंबानी को दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को रोजगार के नाम पर मुर्गी और बकरी पालने के लिए महज 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इस पर BJP विधायक मिथिलेश तिवारी ने पलटवार करते हुए लालू यादव के ‘चरवाहा स्कूल’ की याद दिलाई और कहा कि अब लालटेन का युग खत्म होकर LED का दौर आ गया है।

​एनकाउंटर और जाति की राजनीति

​सदन के बाहर भाई वीरेंद्र ने बिहार में हो रहे एनकाउंटरों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुन-चुनकर एक खास जाति और समुदाय को निशाना बना रही है। बता दें कि आज सुबह ही पटना में सूर्या डॉन के साथ हुई मुठभेड़ बिहार की नई सरकार में 10वां एनकाउंटर है। JDU नेता श्याम रजक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और उन्हें बिहार छोड़ना ही होगा।