दिल्ली के पश्चिम विहार ईस्ट इलाके में कार के अंदर मिले तीन शवों के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 72 वर्षीय तांत्रिक कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने कथित तौर पर ‘धनवर्षा’ कराने का झांसा देकर लूट के इरादे से तीनों को जहरीले लड्डू खिलाए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन ने तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर पीड़ितों का विश्वास जीता और उन्हें विशेष प्रसाद बताकर लड्डू खिलाए। लड्डुओं में मिलाए गए जहर के कारण तीनों की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। उस पर उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी इसी तरह जहरीले लड्डू खिलाकर हत्या करने के आरोप हैं। वह उन मामलों में जमानत पर बाहर था।
डीसीपी सचिन शर्मा के मुताबिक, रविवार दोपहर पीरागढ़ी के पास खड़ी एक कार से तीन शव बरामद हुए थे। मृतकों की पहचान रणधीर (72), शिव नरेश (42) और लक्ष्मी (40) के रूप में हुई। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन परिजनों ने इस आशंका को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद इंस्पेक्टर रोहित और इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और जांच तेज की गई। जांच में सामने आया कि 72 वर्षीय तांत्रिक कमरुद्दीन ने ‘धनवर्षा’ और विशेष अनुष्ठान का झांसा देकर तीनों को बुलाया था। शनिवार को आरोपी ने कथित तौर पर ‘विशेष पूजा’ के नाम पर तीनों को बुलाया और उनसे दो लाख रुपये नकद लाने को कहा। पुलिस के अनुसार, लूट के इरादे से उन्हें कथित प्रसाद के रूप में जहरीले लड्डू खिलाए गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, रविवार को तीनों पीड़ित आरोपी कमरुद्दीन से मिलने लोनी पहुंचे और उसे दो लाख रुपये की रकम दिखाई। इसके बाद कमरुद्दीन उनके साथ कार में सवार होकर रणधीर के रणहौला स्थित घर के लिए रवाना हुआ। रास्ते में आरोपी ने कथित तौर पर पूजा के सामान के नाम पर शराब और अन्य वस्तुएं खरीदीं। घर के पास पहुंचते ही उसने अपने झोले से जहरीले लड्डू निकाले। जांच में सामने आया है कि लड्डुओं में नींद की गोलियां और सल्फास मिलाया गया था।
आरोपी ने विशेष पूजा की रस्म का हवाला देते हुए तीनों को प्रसाद के रूप में लड्डू खिला दिए। कुछ ही देर में रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी अचेत हो गए। इसके बाद कमरुद्दीन कथित तौर पर नगदी लेकर मौके से फरार हो गया। जहर के असर से कार के भीतर ही तीनों की मौत हो गई। बाद में पीरागढ़ी के पास खड़ी कार से उनके शव बरामद हुए थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमरुद्दीन ने तंत्र-मंत्र के जरिए ‘धन वर्षा’ कराने का झांसा दिया था। उसके कहने पर लक्ष्मी, शिव नरेश और रणधीर उसके संपर्क में आए और कथित मंत्र साधना में शामिल होने लगे। जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम सुराग साबित हुई। फुटेज में कार के पास एक चौथा व्यक्ति दिखाई दिया, जो बाद में कमरुद्दीन निकला। एक अन्य कैमरे में वह घटनास्थल के पास कार से उतरकर जाते हुए नजर आया। इसी आधार पर पुलिस का शक गहराया।
इसके बाद पुलिस ने कमरुद्दीन को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पूरा घटनाक्रम सामने आ गया। पूछताछ में उसने ‘विशेष पूजा’ और ‘धन वर्षा’ के नाम पर तीनों को बुलाने और जहरीले लड्डू खिलाने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, जहांगीरपुरी निवासी लक्ष्मी की करीब पांच महीने पहले शिव नरेश से दोस्ती हुई थी। सलीम नामक व्यक्ति के जरिए लक्ष्मी की मुलाकात लोनी निवासी तांत्रिक कमरुद्दीन से हुई। इसके बाद तीनों उसके संपर्क में आए और तंत्र-मंत्र के झांसे में फंस गए।
पहले भी ऐसी ही वारदातों को अंजाम दे चुका कमरुद्दीन
पुलिस के अनुसार, बीते वर्ष फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) में भी उसके खिलाफ इसी तरह जहरीले लड्डू खिलाकर दो लोगों की हत्या का मामला दर्ज है। उस केस में वह जमानत पर बाहर था। इसके अलावा वर्ष 2014 में राजस्थान में भी उसके खिलाफ इसी प्रकार का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से तंत्र-मंत्र और ‘धन वर्षा’ जैसे झांसों के जरिए लोगों को फंसाकर वारदातों को अंजाम देता रहा है। फिलहाल दिल्ली पुलिस उसकी पुरानी आपराधिक फाइलों, अदालत के रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इसी तरह की और वारदातों में भी उसका हाथ रहा है।
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