Bangladesh Chunav 2026 : बांग्लादेश में गुरुवार (12 फरवरी 2026) को 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान पूरा हो गया है और इसके बाद चुनाव आयोग ने ऐलान किया है कि मतगणना शुरू कर दी गई है. आज हुए चुनाव में हिंसा, मर्डर और मारपीट जैसी कई घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं के बीच मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है, चुनाव आयोग ने बताया कि ऐसे भी लोग हैं, जो मतदान केंद्रो तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्होंने मतपत्र भेजकर अपना वोट डाला है. मतगणना के बीच आज देर रात तक रुझान आने शुरू हो जाएंगे.
बता दें कि ये देश के हालिया इतिहास के सबसे अहम राजनीतिक मोड़ माने जा रहे हैं. 2024 के छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के हटने शेख हसीना के हटने के बाद यह बांग्लादेश का पहला आम चुनाव है. इसलिए इस चुनाव पर देश-दुनिया की नजर है. संसद के गठन के साथ 84 बिंदुओं वाले सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है, जिससे राजनीतिक ढांचे में बड़े बदलाव संभव हैं.
299 सीटों पर मतदान
सुबह 7:30 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 4:30 बजे तक जारी रही. 299 सीटों पर मतदान हुआ और अब मतदान पूरे हो चुके हैं. चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि अब वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. बता दें कि आज कई केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें दिखीं और युवाओं में खास उत्साह नजर आया, क्योंकि लाखों लोग पहली बार मतदान कर रहे हैं. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इसे ‘नए बांग्लादेश का जन्मदिन’ बताते हुए शांतिपूर्ण भागीदारी की अपील की, जबकि सेना प्रमुख ने भी नागरिकों से बिना डर वोट डालने को कहा. BNP प्रमुख तारिक रहमान और जमात नेता शफीकुर रहमान समेत कई बड़े नेताओं ने वोट डाला. BNP ने जीत का भरोसा जताते हुए जल्दी परिणाम घोषित करने की मांग भी की. छात्र समूहों ने मतदाताओं से ईमानदार उम्मीदवार चुनने की अपील की.
मुकाबले की तस्वीर
इस बार आवामी लीग मैदान से बाहर है, जिससे मुकाबला मुख्य रूप से बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले मोर्चे के बीच माना जा रहा है. दोनों पक्ष जीत को लेकर आश्वस्त हैं. युवाओं की बड़ी भूमिका और एआई आधारित प्रचार जैसे नए तत्व इस चुनाव को अलग पहचान दे रहे हैं.
बांग्लादेश चुनाव पर शेख हसीना का पहला रिएक्शन
शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनावों पर पहला बयान जारी कर दिया है. उन्होंने मांग की है कि इस ‘बिना वोटर वाले, गैर-कानूनी और असंवैधानिक’ चुनाव को रद्द किया जाए, यूनुस इस्तीफा दें, सभी राजनीतिक कैदियों, शिक्षकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को रिहा किया जाए, अवामी लीग पर लगी पाबंदी हटाई जाए, और एक निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं.
तारिक रहमान पर सबकी नजर
इस बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान 17 साल निर्वासित जीवन जीने के बाद ढाका लौट आए हैं. उनकी वापसी ढाका में बीएनपी के कार्यकर्ता जुलूस निकाल रहे हैं. माना जा रहा है कि तारिक रहमान बोगुड़ा-6 (सदर) सीट से चुनाव लड़ सकते हैं जबकि बीएनपी अध्यक्ष जिया अपने मजबूत गढ़ बोगुड़ा-7 (गाबतली-शाजहानपुर) से एक बार फिर चुनाव लड़ेंगी.
विवादों से भरा रहा तारिक रहमान का सियासी सफर
हालांकि, उनका राजनीतिक सफर विवादों से भी घिरा रहा है. साल 2004 के ग्रेनेड हमले सहित कई मामलों में उनका नाम सामने आया. इसके अलावा भ्रष्टाचार के कई मामलों में बांग्लादेश की अदालतों ने उन्हें दोषी ठहराया.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


