अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली।मुगलसराय/नई दिल्ली। संसद के शून्यकाल के दौरान चंदौली से राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने उत्तर प्रदेश में चीतों के संरक्षण की संभावनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि देश ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें “प्रोजेक्ट चीता” विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

चीतों की ऐतिहासिक वापसी संभव

सांसद दर्शना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 2022 में शुरू हुए “प्रोजेक्ट चीता” के तहत लगभग सात दशकों बाद भारत में चीतों की ऐतिहासिक वापसी संभव हुई। 17 सितंबर 2022 को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 में भारत में चीते को विलुप्त घोषित कर दिया गया था, ऐसे में उनकी वापसी देश की वैज्ञानिक क्षमता, सुदृढ़ योजना और सतत निगरानी का प्रमाण है। वर्तमान में चीतों का सुरक्षित रहना और सफल प्रजनन इस परियोजना की सफलता को दर्शाता है।

READ MORE: हत्या है या फिर कुछ और ? संदिग्ध परिस्थितियों में कपड़े से लटका मिला किशोर का शव, मौत की मिस्ट्री सुलझाने में जुटी खाकी

पीएम के विजन का असर

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच स्पष्ट है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं और “प्रोजेक्ट चीता” इसी संतुलित दृष्टिकोण का उदाहरण है। इससे पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है। सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने वन्यजीव संरक्षण, जंगलों के विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे दुधवा और पीलीभीत जैसे क्षेत्र संरक्षण के मॉडल बनकर उभरे हैं।

READ MORE: बस इतनी सी बात और… बड़े भाई ने छोटे भाई की कर दी हत्या, परिजनों में मचा कोहराम

दर्शना सिंह ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और जैव-विविधता से समृद्ध राज्य में चीतों के संरक्षण की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार यदि राज्य में चीता संरक्षण केंद्र या विशेष अभयारण्य स्थापित किया जाता है तो इससे इको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा।

READ MORE: किसी को बख्शा नहीं जाएगा… अवैध पैथोलॉजी सेंटरो पर स्वास्थ्य विभाग की दबिश, क्लीनिक पर जड़ा ताला, भनक लगते ही शटर गिराकर भागे संचालक

अपने वक्तव्य के अंत में सांसद दर्शना सिंह ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश में “प्रोजेक्ट चीता” के विस्तार की संभावनाओं पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संसद में उठाया गया यह मुद्दा पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संवर्धन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।