जालंधर। भारत बंद का पंजाब में अच्छा असर देखने को मिला है। ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के समर्थन में जिले में पनबस कर्मियों और विभिन्न विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल की। भारत बंद के आह्वान का व्यापक असर परिवहन और स्कूल सेवाओं पर देखने को मिला। अधिकांश बस
स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा। यात्री भी परेशान नजर आए वहीं यूनियन तथा अन्य संगठनों द्वारा किए गए चक्का जाम के कारण तकरीबन 80 प्रतिशत रूटों पर सरकारी बसें नहीं चलीं।

मिड डे मील वर्कर्स ने छेड़ी मुहिम
भारत बंद (Bharat Bandh) के समर्थन में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने भी काम बंद किया। यही कारण है कि में बच्चों के लिए खाना नहीं बनाया गया। यूनियन ने मानदेय बढ़ाने और न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने की मांग रखी। इस बारे में डिपो अध्यक्ष जगसीर सिंह माणक ने कहा कि स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023 के तहत लंबे समय से आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत नहीं दी गई है। उन्होंने अस्थायी कर्मचारियों को पक्का करने निजीकरण करने, श्रम कानूनों में बदलाव वापस लेने की मांग रखी है।


