कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी (DM) द्वारा हर स्तर पर की जा रही नियमित मॉनिटरिंग के बीच, कार्य में लापरवाही बरतने वाले 12 कर्मियों का वेतन बंद करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और पंचायत सचिव शामिल हैं।

​अंतिम चरण का लक्ष्य

फार्मर रजिस्ट्री का यह विशेष अभियान 15 फरवरी तक चलेगा। जिलाधिकारी ने शेष तीन दिनों के भीतर प्रत्येक कर्मी को 100 नए निबंधन का लक्ष्य दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का हित सर्वोपरि है और कोताही बरतने वालों पर निलंबन की गाज भी गिर सकती है। बीती समीक्षा बैठक में एक ही दिन में 6,062 निबंधन दर्ज किए गए, जो प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है।

​राज्य में अव्वल

मुजफ्फरपुर वर्तमान में फार्मर रजिस्ट्री में राज्य में पहले स्थान पर है। अब तक कुल 2,43,428 किसानों का निबंधन हो चुका है, जिनमें से 1,32,790 किसान पीएम-किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। प्रखंडवार प्रदर्शन में पारु (23,078) और कुढ़नी (23,400) अग्रणी हैं, जबकि प्रतिशत के मामले में बंदरा प्रखंड (53%) शीर्ष पर बना हुआ है।

​सतत निगरानी और कैंप मोड पर कार्य

DM ने निर्देश दिया है कि जमाबंदी वाले सभी पात्र किसानों का निबंधन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्रों का भ्रमण कर पारदर्शी तरीके से कार्य संपन्न कराएं ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे।