वाराणसी. महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) से पूर्व आज से भगवान शिव और मइया पार्वती के विवाह की रस्मे शुरू होंगी. आज बाबा को हल्दी चढ़ाई जाएगी. बांसफाटक स्थित श्रीमहंत शिव प्रसाद पांडेय के आवास, श्रीयंत्र पीठम “श्री धर्म निवास” से हल्दी की पारंपरिक यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास के लिए प्रस्थान करेगी. जहां बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा पर विधिवत हल्दी अर्पण की रस्म की जाएगी.

महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह से पूर्व हल्दी चढ़ाने की रस्म पूरी की जाएगी. इसके लिए नासिक से हल्दी मंगाई गई है. शनिवार यानी कल शिव-पार्वती को मेहंदी लगाई जाएगी. महाशिवरात्रि के दिन विवाह के बाद गौरा मइया के गौना की तैयारी शुरू हो जाएगी. जानकारी के मुताबिक हल्दी चढ़ाने से पूर्व 11 वैदिक ब्राह्मण बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा का पूजन होगा. इसके बाद वैदिक मंत्रों के बीच बाबा का शृंगार किया जााएगा. जिसके बाद श्रद्धालु वर के रूप में बाबा का अलौकिक दर्शन करेंगे.

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तिलक चढ़ाने जाएंगे गौरा मइया के गण

बाबा विश्वनाथ के ससुराल से शुक्रवार को हल्दी और तिलक की सामग्री के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी. इसके बाद शाम 4 बजे सारंगनाथ मंदिर में पूजन के बाद माता गौरा के गण (तिलहरू) बाबा को तिलक चढ़ाने के लिए जाएंगे. महाशिवरात्रि से पहले ही महंत आवास पर विवाह से जुड़ी पारंपरिक रस्में शुरू हो जाएंगी. मंगलगीत गूजेंगे. जानकारी के मुताबिक इस बार बाबा विश्वनाथ असमिया वस्त्र धारण करेंगे और उनके लिए विशेष लकड़ियों से बना भव्य सिंहासन भी तैयार किया गया है. रस्मों के दौरान बाबा इसी सिंहासन पर विराजमान होंगे.