IT स्टॉक्स में शुक्रवार, 13 फरवरी को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखी गई. शुरुआती ट्रेडिंग में इंफोसिस, TCS, विप्रो, टेक महिंद्रा और HCL टेक के शेयर 8 परसेंट तक गिर गए. कोफोर्ज, बिरला सॉफ्ट और परसिस्टेंट सिस्टम्स जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई.

निफ्टी IT इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 5 परसेंट गिरा. इससे पहले 12 फरवरी को इसमें 5.5% की गिरावट आई थी. IT सेक्टोरल इंडेक्स 2026 में अब तक लगभग 17.5% गिर चुका है. IT स्टॉक्स में इस भारी बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट आई. यह गिरावट US स्टॉक मार्केट में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद आई, जिसका इंडियन IT सेक्टर पर बुरा असर पड़ा.

US मार्केट में गिरावट का असर

US-लिस्टेड इंफोसिस के ADRs गुरुवार रात को लगभग 10% गिर गए, जबकि विप्रो के ADRs लगभग 5% गिर गए. इन्वेस्टर्स को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल को नुकसान पहुंचा सकता है. इस महीने की शुरुआत से ही IT स्टॉक्स पर दबाव रहा है. हालांकि SaaS-बेस्ड कंपनियों में गिरावट सीमित थी, लेकिन बड़ी टेक कंपनियों में तेज़ बिकवाली ने बैंकिंग, रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे दूसरे सेक्टर्स पर भी असर डाला. वॉल स्ट्रीट पर बढ़ते उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय IT स्टॉक्स पर पड़ा.

AI के बिजनेस मॉडल्स पर असर डालने की चिंता

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑटोमेशन भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक बिज़नेस मॉडल्स पर दबाव बढ़ा सकता है. खासकर उन कंपनियों के लिए जिनके मॉडल्स बहुत ज़्यादा मेहनत वाली सर्विसेज़ पर निर्भर करते हैं, मार्जिन और बिल करने लायक घंटों पर असर पड़ सकता है. इस चिंता ने इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट पर असर डाला है, जिससे IT स्टॉक्स में तेज़ बिकवाली हुई है.

ग्लोबल संकेत भी कमजोर

US का टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स गुरुवार को 2% से ज़्यादा गिर गया. इन्वेस्टर्स अब शुक्रवार को आने वाले US महंगाई के डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं, जो इंटरेस्ट रेट्स की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है. जनवरी में उम्मीद से बेहतर US एम्प्लॉयमेंट डेटा ने भी जल्द इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदों को कम कर दिया. रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, “IT स्टॉक्स में भारी गिरावट ने फिलहाल मार्केट में बुलिश सेंटिमेंट को कमज़ोर कर दिया है.” उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल अस्थिरता और IT स्टॉक्स में भारी बिकवाली ने स्टॉक मार्केट सेंटिमेंट को कमजोर किया है.

मार्केट कैप पर असर

गुरुवार की ट्रेडिंग में, IT स्टॉक्स सबसे कमज़ोर परफॉर्म करने वाला सेक्टर था. TCS का मार्केट कैप दिसंबर 2020 के बाद पहली बार ₹10 लाख करोड़ से नीचे चला गया. इंफोसिस का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी इस हफ़्ते ₹6 लाख करोड़ से नीचे आ गया. सुबह करीब 10 बजे, TCS के शेयर 4.95% गिरकर ₹2,614.10 पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि इंफोसिस 6.26% गिरकर ₹1,299.30 पर था. पिछले महीने दोनों निफ्टी 50 हेवीवेट 18% से 20% तक गिरे हैं.