राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में अहम सुनवाई करते हुए आरोप तय करने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और मामले के आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal), पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodiya) समेत 21 अन्य आरोपी शामिल हैं। अदालत में सभी पक्षों की विस्तृत बहस के बाद अब नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
अदालत अब यह फैसला 27 फरवरी को सुना सकती है। सीबीआई ने इस मामले में सबसे पहले 2022 में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसके बाद पूरक आरोप पत्र भी पेश किए गए। आरोप है कि दिल्ली की आबकारी नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए शराब कारोबारियों की साउथ लॉबी की ओर से कुल 100 करोड़ रुपये दिए गए थे।
23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली शराब घोटाला मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने इस मामले में 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में शामिल प्रमुख आरोपी हैं. अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मुथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चीबाबू गोरंटला, राकेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, चनप्रीत सिंह रायत, अरविंद कुमार सिंह, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष माथुर, पी सरथ चंद्र रेड्डी, सीबीआई के आरोप के मुताबिक इन आरोपियों ने दिल्ली की आबकारी नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए शराब कारोबारियों की ओर से वित्तीय लाभ लिया।
आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत- CBI
CBI ने कहा कि इस मामले में साजिश के अपराध को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। सीबीआई की तरफ से एएसजी डीपी सिंह और वकील मनु मिश्रा ने अदालत में दलीलें पेश करते हुए कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत और ठोस आधार मौजूद हैं।
केजरीवाल के खिलाफ ठोस सबूत नहीं- बचाव पक्ष
दिल्ली शराब घोटाला मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अरविंद केजरीवाल के पक्ष में दलील पेश की। हरिहरन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। उनके अनुसार केजरीवाल के खिलाफ कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं मिला है। चार्जशीट पिछली चार्जशीट की सिर्फ कट-पेस्ट कॉपी है। उस समय केजरीवाल केवल मुख्यमंत्री के रूप में अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे।
केजरीवाल के खिलाफ आरोप कट-पेस्ट
हरिहरन ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं है जो साउथ लॉबी से पैसे लेने के अनुरोध से जोड़ता हो। उनका नाम पहली चार्जशीट या उसके बाद की तीन पूरक चार्जशीट में नहीं था; केवल चौथी पूरक चार्जशीट में आया। चौथी चार्जशीट का विषय वही है जो पिछली चार्जशीट का था, इसलिए आरोप केवल कट-पेस्ट हैं। केजरीवाल उस समय केवल अपने मुख्यमंत्री के आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे।
पैसे लेने के लिए कहने के कोई सबूत नहीं
शराब घोटाला मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने वरिष्ठ वकील एन हरिहरन से राघव मगुंटा के बयान के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी। आरोप है कि किसी ने मगुंटा को केजरीवाल की ओर से पैसे देने के लिए कहा था। राघव मगुंटा पहले आरोपी थे, लेकिन बाद में उन्हें सरकारी गवाह बना दिया गया।
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