बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है. बांग्लादेश में 2026 के चुनावों में BNP ने बंपर जीत हासिल की है. 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुए, जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को बंपर जीत मिली है. खालिदा जिया के बेटे और BNP अध्यक्ष तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनेंगे. ये परिणाम भारत के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद है क्योंकि पाकिस्तान समर्थक जमात सत्ता से बाहर हुई है. हिंदुओं के वोट ने BNP की जीत में अहम भूमिका निभाई, जिससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा मजबूत हुआ है.अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा होगी. ये पाकिस्तान और ISI के मंसूबों पर करारा प्रहार है.

तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बनेंगे. इस चुनाव नतीजों में सबसे ज्यादा झटका जमात और छात्र नेताओं को लगा. हिंदुओं के खिलाफ हिंसा करने वाले जमात और छात्र नेताओं की पार्टी NCP को आप क्रांति के भस्मासुर कह सकते हैं, जिन्होंने शेख हसीना की सरकार गिराने के लिए आजादी का नारा लगाया था.

मुनीर ने बांग्लादेश को लेकर जो भारत विरोधी प्लान बनाया था, जमात को फंडिंग की थी. ISI ने पूरे चुनाव को अपने हिसाब से मैनुपुलेट करने की कोशिश की थी. इस नतीजे में पाकिस्तान भी सबसे बड़ा लूज़र साबित हुआ है. पाक परस्त जमात का शासन से दूर रहना भारत के हित में है. BNP ने हिंदुओं की सुरक्षा की गारंटी दी है, भारत से संबंध सुधारने का वादा किया है, जिससे पाकिस्तान को 440 वोल्ट का करंट लग सकता है.

तारिक रहमान बांग्लादेश के पीएम बनेंगे तो बांग्लादेश में जमात के सताए हिंदुओं के लिए हालात बदल सकते हैं, क्योंकि BNP के घोषणा पत्र में इसका वादा था. इसी का फायदा BNP को हिंदू बहुल सीटों पर जीत से मिला है. BNP ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था- हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों की जान, संपत्ति, और पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाएंगे.

इसी गारंटी के बिना पर तारिक रहमान की पार्टी ने हिंदू बहुल सभी सीटों पर कब्जा जमाया. बांग्लादेश की करीब 8% हिंदू आबादी का पूरा वोट BNP की तरफ शिफ्ट हो गया, जो पहले अवामी लीग को जाता था. अवामी लीग इस बार चुनाव नहीं लड़ी. इसे दूसरे नजरिए से देखें तो तारिक सरकार बनने में हिंदुओं का बड़ा रोल रहा. BNP के घोषणा पत्र में दूसरी जरूरी बात ये लिखी गई थी कि किसी भी देश का दबाव या प्रॉक्सी न बनकर संतुलित विदेश नीति अपनाई जाएगी.

हिंदू बहुल सभी सीटों पर जमात को हार का सामना करना पड़ा. BNP की सरकार बनवाकर हिंदुओं ने शासन चलाने का जमात का सपना तोड़कर रख दिया. बांग्लादेश की कमान अब BNP के तारिक रहमान के हाथों में रहेगी. उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में लोकतंत्र की बहाली होगी. जमात की मजहबी मनमानी नहीं चलेगी.

BNP की राष्ट्रीय स्थायी समिति के सदस्य और वरिष्ठ नेता नजरुल इस्लाम ने भरोसा दिलाया है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में दोनों देशों और वहां के लोगों के बीच के रिश्ते अब और मजबूत होंगे. यानी, BNP सरकार बनने से पाकिस्तान के भारत विरोधी मंसूबों पर पानी फिर सकता है. बांग्लादेश की सरकार पाकिस्तान की कठपुतली नहीं बनेगी.

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