Rajasthan News: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बीकानेर में एक बड़ी मछली पर शिकंजा कसा है। फलोदी की कानासर पंचायत में तैनात कनिष्ठ सहायक (LDC) शुभकरण छीपा के ठिकानों पर छापेमारी में आय से 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। महज 35 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले इस कर्मचारी के पास से 15 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं।

5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

एसीबी की पांच टीमों ने शुक्रवार को शुभकरण के पांच अलग-अलग ठिकानों (पूनरासर, मातेश्वरी एन्क्लेव, बागीनाड़ा, व्यास कॉलोनी और उदट गांव) पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दौरान ब्यूरो के अधिकारी भी तब दंग रह गए जब एक एलडीसी के घर से नोटों की गड्डियां और भारी मात्रा में जेवरात बरामद हुए।

2010 से शुरू हुआ था सफर

शुभकरण छीपा ने मार्च 2010 में श्रीडूंगरगढ़ की पूनरासर पंचायत में रोजगार सहायक के रूप में करियर शुरू किया था। साल 2022 में पदोन्नत होकर वह कनिष्ठ सहायक बना। वर्तमान में उसका तबादला उदट में हुआ था। एसीबी की स्पेशल यूनिट के एएसपी आशीष कुमार ने गुप्त शिकायत के आधार पर साक्ष्य जुटाए और जयपुर मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

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