गोविंद पटेल, कुशीनगर. सरकार भले ही अवैध खनन के खिलाफ सख्ती के दावे कर रही हो, लेकिन जनपद कुशीनगर में जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे बड़ी गंडक नदी में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है. खड्डा तहसील क्षेत्र में पनियहवा पुल से आगे करमहवा के समीप दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों से नदी के दायरे में सिल्ट बालू निकाला जा रहा है.

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स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से लगातार अवैध खनन हो रहा है. नदी के बीचों-बीच जेसीबी मशीनें उतारकर हजारों टाली ट्रैक्टर-ट्रॉली से बालू की ढुलाई की जा रही है. इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि नदी के तटों के कटाव का खतरा भी बढ़ गया है. लगातार खनन से नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और आसपास के खेतों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब इस संबंध में उपजिलाधिकारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया. वहीं जिला खनन अधिकारी ने भी अनभिज्ञता जताते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कही. हालांकि, कार्रवाई कब तक होगी, यह स्पष्ट नहीं किया गया. प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है. सवाल यह उठता है कि आखिर अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध खनन पर लगाम कब लगेगी? फिलहाल क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है और जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं.