कुंदन कुमार/नई दिल्ली/पटना। केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण निषाद ने विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और बिहार की कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को हार की बौखलाहट करार देते हुए कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।

राहुल गांधी के बयानों पर हमला

राजभूषण निषाद ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वे अक्सर सदन की गरिमा को ताक पर रखकर अनाप-शनाप बयानबाजी करते हैं। मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी के संबोधन आधारहीन होते हैं और वे संसद की गंभीरता को समझने में पूरी तरह विफल रहे हैं। बिना किसी ठोस तथ्य के कुछ भी बोल देना उनकी कार्यशैली बन चुकी है।

बिहार में कानून व्यवस्था और विपक्ष की साजिश

बिहार में लॉ एंड ऑर्डर पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए निषाद ने कहा कि प्रदेश में सुशासन की सरकार है। एनडीए की हालिया जीत और जनता का अटूट विश्वास देखकर विपक्ष घबरा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में मिली करारी हार के कारण विपक्ष बौखलाया हुआ है और चुनी हुई सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहा है।

वंदे मातरम और नेशन फर्स्ट का संकल्प

मुस्लिम संगठनों द्वारा वंदे मातरम के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी पर मंत्री ने स्पष्ट कहा, हमारे लिए नेशन फर्स्ट सर्वोपरि है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का कार्यकर्ता राष्ट्र के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। विपक्ष का राष्ट्र के प्रतीकों को सम्मान देने में पीछे हटना देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी और प्रशासन की निष्पक्षता

पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर उठ रहे सवालों को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपना काम स्वायत्त तरीके से करता है। यह गिरफ्तारी नए कानूनी मामलों से संबंधित है। बिहार सरकार ने कानून का इकबाल बुलंद रखा है और यहां किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाता।