दिल्ली में पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर 8 फरवरी की दोपहर एक कार में तीन लाशें मिलीं थीं. उस समय किसी को नहीं पता था कि यह कहानी अंधविश्वास, लालच और तंत्र-मंत्र के खतरनाक जाल तक जा पहुंचेगी. शुरुआत में मामला रहस्यमय मौतों का लगा, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, एक 72 साल के कथित तांत्रिक की परत-दर-परत खुलती दुनिया सामने आने लगी. मुख्य आरोपी कमरुद्दीन के पास से कुछ पन्ने मिली हैं। इससे पता लगा है कि वह किस तरह से लोगों को वो जादू टोने के झांसे में लेता था। वहीं एक महिला के मोबाइल फोन से नाबालिग लड़कियों की फोटो मिली हैं।

दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर खड़ी एक कार में तीन लाशें ने अंधविश्वास और लालच की खतरनाक कहानी सामने ला दी. एक कथित तांत्रिक लोगों से महिलाओं की तस्वीरें मंगवाता, उनके फीचर्स देख दावा करता- इसी लड़की पर बरसेगा धन.

एजेंसी के मुताबिक, यूपी में फिरोजाबाद के रहने वाले कमरुद्दीन का तरीका बेहद शातिर था. वह पहले लोगों की आर्थिक कमजोरी पहचानता, फिर धन वर्षा का सपना दिखाता. दावा करता- अगर परिवार में लंबी कद-काठी और खुले बालों वाली लड़की हो, तो एक जिन्न उसके साथ अदृश्य तरीके से फिजिकल कॉन्टैक्ट बनाएगा. और इसी के बाद पैसों की बरसात होगी. कमरुद्दीन लड़कियों की तस्वीरें मंगाता, फिर फीचर्स देखकर तय करता था और कहता था- इस लड़की पर बरसेगा धन.

जांच में पीड़िता लक्ष्मी के फोन से कई ऐसी तस्वीरें मिलीं, जिनमें महिलाएं खुले बालों के साथ कागज पकड़े खड़ी दिखीं. कागज पर उनके बारे में लिखा था. ये तस्वीरें अलग-अलग नंबरों से शेयर की जाती थीं और कई ग्रुप्स में घूमती थीं. पुलिस का कहना है कि यही तस्वीरें चयन के लिए इस्तेमाल होती थीं.

वह मीटिंग के दौरान लोगों से मोबाइल फोन फ्लाइट मोड पर रखने को कहता, ताकि कोई कॉल या रिकॉर्डिंग न हो सके. एक मुलाकात के लिए 7 हजार रुपये तक वसूले जाते थे. जिन लोगों ने 2 लाख रुपये देने की बात मानी, उन्हें खास अनुष्ठान का भरोसा दिया जाता. अगर नतीजा न निकले, तो बहाने भी तैयार- कभी कहा कि लड़की को किसी जानवर ने काट लिया, कभी कि उसका ऑपरेशन हो चुका है, इसलिए जिन्न नहीं आएगा.

लेकिन पीरागढ़ी की उस कार में तीन लोगों की मौत कैसे हुई? पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी ने सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड), नींद की गोलियां और कोल्ड ड्रिंक मिलाकर एक घातक मिश्रण तैयार किया. इसे लड्डुओं में मिलाया गया और पीड़ितों को खिलाया गया. जहर इतना तेज था कि उन्हें कार से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और तकनीकी निगरानी से पुलिस आरोपी तक पहुंची. सीसीटीवी फुटेज में वह 3 बजकर 2 मिनट पर कार से उतरता दिखा- हाथ में गुलाबी बैग था.

जब पुलिस लोनी स्थित उसके घर पहुंची, तो उसने दरवाजा नहीं खोला. बच्चों की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया। बाद में 15 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़ लिया गया.

पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में छह हत्याओं के मामले में उसका नाम आ चुका है, जबकि दो और मामलों में संलिप्तता की आशंका है.

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