वीरेंद्र कुमार/नालंदा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शनिवार को नालंदा दौरा प्रशासनिक अव्यवस्था और जन-आक्रोश की भेंट चढ़ गया। कड़ी सुरक्षा के दावों के बीच सीएम के कारकेट (काफिले) में अचानक एक कुत्ता घुस गया, जिससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। इस सुरक्षा चूक ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​सुरक्षा में सेंध और बदलता कार्यक्रम

​मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मोतनाजे स्थित गंगा जल आपूर्ति परियोजना का निरीक्षण किया और फिर सड़क मार्ग से राजगीर रोपवे पहुंचे। हालांकि, कार्यक्रम में ऐन वक्त पर हुए बदलावों ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। सूत्रों के मुताबिक, सीएम का ब्रह्मकुंड जाने का कार्यक्रम तय था, लेकिन वे बिना निरीक्षण किए ही सर्किट हाउस के लिए रवाना हो गए। इससे पंडा समाज में भारी निराशा देखी गई।

​श्रद्धालुओं का फूटा गुस्सा, बिगड़ी तबीयत

​दौरे का सबसे दुखद पहलू श्रद्धालुओं की परेशानी रही। अतरी के महादेवविघा से आए श्रद्धालुओं को सुरक्षा के नाम पर करीब 3 घंटे तक पवित्र कुंड में जल भरने से रोका गया। चिलचिलाती धूप और लंबे इंतजार के कारण दो-तीन श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। इससे भड़के लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के सामने ही ‘नीतीश कुमार हाय-हाय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।

​मीडिया की दखल के बाद संभले हालात

​हंगामे की सूचना मिलते ही मीडिया कर्मियों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और श्रद्धालुओं को कुंड में जाने की अनुमति दी गई। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी। मुख्यमंत्री के गृह जिले में हुई इस अव्यवस्था ने विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है।