Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर केवल भक्ति ही काफी नहीं है. शिवलिंग पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए शास्त्रों में कुछ नियम दिए गए हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग की पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए. आमतौर पर भक्त इन बातों से अनभिज्ञ होते हैं या अनजाने में इस तरह की गलती कर बैठे हैं. जिससे उन्हें पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती है. ज्योतिषी बताते हैं कि भक्त आम तौर पर क्या गलतियां करते हैं. किन चीजों से बचना चाहिए और महादेव की रात की पूजा का सबसे गहरा आध्यात्मिक महत्व क्यों है.

- हल्दी स्त्री शक्ति की एनर्जी को दिखाती है, शिव पूजा के लिए इसे वर्जित बताया गया है.
- हिंदू परंपरा में तुलसी पवित्र होती है, लेकिन पौराणिक कारणों से शिव को नहीं चढ़ाई जाती, क्योंकि यह एक दैवीय श्राप से जुड़ी है.
- शिवलिंग की पूजा में केतकी के फूल को चढ़ाना माना है. पौराणिक कथा के अनुसार एक दैवीय झगड़े के दौरान इसने झूठी गवाही दी थी.
- कभी भी फटे या गंदे बेल पत्र का इस्तेमाल न करें. बेल (बिल्व) के पत्ते शिव को पवित्र लगते हैं, लेकिन वे साबुत और साफ़ होने चाहिए.
- नारियल पानी शिवलिंग अभिषेक के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता. सिवाय कुछ खास रस्मों के. भक्त अक्सर इसे पवित्र मानकर चढ़ाते हैं, लेकिन यह शिव पूजा में वर्जित होता है.
- शिवलिंग के अभिषेक के दौरान दूध और दही पीतल या कांसे जैसी कुछ धातुओं के साथ रिएक्ट कर सकते हैं. सही बर्तनों का इस्तेमाल करना सही रहता है.
- ताज चीज पवित्रता को दर्शाता है. रखी हुई मिठाइयां, पैकेट वाला प्रसाद, बचा हुआ खाना या पिछले दिन का बचा हुआ खाना शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए.
- महाशिवरात्रि पर अधिकतर लोग सबसे बड़ी गलती करते हैं, सिर्फ सुबह ही पूजा करते हैं, जबकि रात की पूजा का विशेष महत्व है. ऐसे में सुबह की पूजा के अलावा रात के चार पहर पर शिव अभिषेक जरूर करना चाहिए.
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