देहरादून. प्रदेश की सियासत में कानून व्यवस्था को लेकर सियासत गरमाते नजर आ रही है. पूर्व सीएम हरीश रावत ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए धामी सरकार पर निशाना साधा है. हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, कानून यदि केवल दिखावे के लिए सख्त हो और क्रियान्वयन में मुलायम, तो युवाओं का विश्वास कैसे बचेगा?

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आगे हरीश रावत ने कहा, भाजपा द्वारा बनाए गए कानून सिर्फ बाहर दिखाने के लिए सख्त हैं और अंदर जो इन कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले लोग हैं, उनके प्रति मुलायम हैं. इस मुलायमियत का सबसे बड़ा उदाहरण हाकम सिंह है, जो उत्तराखंड के अंदर नकल के जनक माने जाते हैं और उनकी भाजपा के नेताओं के साथ निकटता सबको मालूम है. एक बड़ा सवाल यह है कि हर नकल लीग के साथ जुड़ा हुआ व्यक्ति किसी न किसी रूप से भाजपा पृष्ठभूमि का क्यों दिखाई देता है.

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आगे उन्होंने कहा, अब तो ऐसा लग रहा है कि जिस प्रकार से नकल के विरोध में एक बड़ा उभरता हुआ जनांदोलन दिखाई दे रहा था, उस जनांदोलन को दबाने के लिए जिस तरीके से मुख्यमंत्री जी ने CBI की जांच का वादा किया, उससे संदेह की स्थिति पैदा हुई है. अब यह भी लग रहा है कि कहीं सब मिली-जुली भगत से चीजों को ढकने का प्रयास तो नहीं हो रहा, ताकि नकल इसी तरीके से चलती रहे. असली बात यह है कि नकल की आड़ में भाजपा सरकार विभिन्न विभागों में खाली पड़े हुए पदों पर भर्ती-नियुक्तियां करने से बच रही है. आप पूरा प्रकरण कैलेंडर-वाइज देखिए तो हर बार किसी न किसी बहाने भर्ती या तो टाली जा रही है या लटकाई जा रही है.