मुजफ्फरपुर‌। जिले में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले सिंडिकेट पर उत्पाद विभाग ने बड़ा प्रहार किया है। मीनापुर और सिवाईपट्टी थाना क्षेत्रों में सघन छापेमारी कर विभाग ने कुख्यात बदमाश मिथुन सहनी समेत कुल 9 तस्करों को दबोच लिया है। इस ऑपरेशन में लगभग 12 लाख रुपये मूल्य की अवैध विदेशी और देसी शराब जब्त की गई है।

​अपराध की दुनिया में नाबालिगों का इस्तेमाल

​इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा एक किशोर की गिरफ्तारी से हुआ है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मिथुन सहनी कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए नाबालिगों को ढाल बना रहा था। पकड़ा गया किशोर मामूली अपराधी नहीं है; उस पर दो हत्या और एक लूट जैसे तीन संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि मिथुन ने करीब आधा दर्जन किशोरों को हथियारों और तस्करी के दलदल में धकेल रखा है।

​खतरनाक है गैंग का बैकग्राउंड

​गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों में से 6 का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य सरगना मिथुन सहनी का नाता अपराध के पुराने इतिहास से है। उसके पिता राधा सहनी का संबंध नक्सली संगठनों से रहा है। विरासत में मिली इसी आपराधिक मानसिकता को मिथुन अब शराब तस्करी के साम्राज्य के रूप में विस्तार दे रहा है।

​सिंडिकेट के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस

​उत्पाद विभाग के थानेदार दीपक कुमार सिंह के अनुसार, आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन फोन के जरिए गैंग के नेटवर्क, सप्लायर्स और आगामी योजनाओं के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। पूर्व में पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) का सामना कर चुके मिथुन की सक्रियता ने प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। फिलहाल, विभाग इस गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा रहा है।