शिखिल ब्यौहार, भोपाल। देश के पहले स्वघोषित विवादित किन्नर शंकराचार्य हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक के बाद बड़ा बयान सामने आया है। वहीं लल्लूराम डॉट काम ने उनसे कई सवाल जबाव किए। उनके साथ बाचतीच के प्रमुख अंश…
प्रश्न – सिर्फ चार शंकराचार्य होते हैं, आप पांचवें कैसे
जवाब- चार शंकराचार्य अर्धनारीश्वर नहीं है, वह पुरुष है. यह जो शंकराचार्य की गद्दी है अर्धनारीश्वर का स्वरूप है. हम किन्नर देवताओं की श्रेणी में आते हैं. दूसरी बात समय की भी मांग है. अब तो शंकराचार्य आपस में लड़ रहे हैं. लांछन लगा रहे हैं. समाज सनातन भटक रहा है. सनातन में समाज यह भी देख रहा है कि हम किसकी ओर जाएं. शंकराचार्य आपस में लड़ रहे हैं. जगतगुरु आपस में लड़ रहे हैं शिष्य आपस में लड़ रहे हैं. समाज में अच्छा संदेश नहीं जा रहा. हिंदुत्व का गलत संदेश जा रहा है. आज किन्नर समाज ने मिलकर और ऋषि अजय दास ने किन्नर समाज को किन्नर शंकराचार्य दिया है. हम पांचवें शंकराचार्य नहीं हम पहले शंकराचार्य किन्नर समाज के हैं.
हिमांगी सखी बनीं पहली किन्नर शंकराचार्यः हुआ पट्टाभिषेक, महामंडलेश्वरों की भी घोषणा, किन्नर अखाड़ा
प्रश्न – आपका विरोध शुरू हो गया है
जवाब- संत समाज तो विरोध का रहा है.. एक संत दूसरे संत का विरोध करता है..एक जब ऊपर बढ़ता है तो उसे खींचने की कोशिश करते हैं. अभी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी को औरंगजेब बता दिया. योगी जी जो हिंदुत्व को मानते हैं.उन्हें उल्टा सीधा बोल रहे हैं.
प्रश्न -आप पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं
जवाब- मेरा खुला चैलेंज है जो भी शंकराचार्य या कोई भी सनातनी को तकलीफ होती है और अर्धनारीश्वर शंकराचार्य के साथ शास्त्राद करें..हम शिव का रूप है. हम उन चारों शंकराचार्य की क्या बात करें.हम प्रथम शंकराचार्य हैं.
प्रश्न – कितने संस्थाओं का समर्थन मिला, अब किन्नर अखाड़े की लक्ष्मी त्रिपाठी का क्या
जवाब- पूरे भारतवर्ष ने हमको मना है. प्रयागराज कुंभ के पहले मुझे जगतगुरु घोषित किया गया था. भारतवर्ष के जितने भी संत महात्मा है वह किन्नर समाज को सपोर्ट करते हैं. आज के अंदर समाज के लिए एक शंकराचार्य सामने आया है, तो किसी को आपत्ति नहीं होना. लक्ष्मी त्रिपाठी तो झूठी है. झूठ फैला रही है. पाखंडी है.
ऋषि अजय दास का बयान
बरसों से चल रहा था. किन्नर जिहादी इस्लामी ताकतों का समर्थन मिल रहा था. हिंदू किन्नर का धर्मांतरण किया गया था.उन्हें आज घर वापस कराया है. मैंने ही इसके अंदर लव जिहाद के खिलाफ बीड़ा उठाया. समर्थन हमें मिला है. किन्नर जिहाद वाले मामले में जितने हिंदूवादी संगठन है सभी का समर्थन हमें मिला है.
किन्नर शंकराचार्य विवाद पर कहा
धार्मिक आस्था का इस देश में कोई बात ना करें तो ही अच्छा होगा. शंकराचार्य ने चार मठ की स्थापना की थी. चार पुजारी नियुक्त किए गए थे. पूर्व वाला पश्चिम उत्तर वाला दक्षिण में पूजा पद्धति करेग, ताकि देश की एकता बनी रहे. बाद में जाकर वही में जो बैठे थे वह शंकराचार्य हो गए. ऐसा कोई शास्त्र में नहीं लिखा है कि शंकराचार्य ने किसी दूसरे शंकराचार्य की नियुक्ति की हो. क्योंकि 32 साल की उम्र में आदि शंकराचार्य स्वर्गलोक चले गए थे.आरोप न लगाए कोई..
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