भुवनेश्वर। ओडिशा में महाशिवरात्रि का पर्व गहरी आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राज्य के प्रमुख शैव मंदिरों में रविवार सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। परंपरा के अनुसार, देर रात विभिन्न मंदिरों में ‘महादीप’ प्रज्वलित किया जाएगा, जिसे देखने के लिए भक्त विशेष रूप से प्रतीक्षा करते हैं।
राजधानी भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में रात 10 बजे महादीप जलाया जाएगा। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। कुल 41 प्लाटून पुलिस बल और लगभग 200 अधिकारियों को तैनात किया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह ‘नो-ड्रोन ज़ोन’ घोषित किया गया है। प्रशासन ने पास के दुरुपयोग या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पुरी स्थित लोकनाथ मंदिर में ‘जागर यात्रा’ के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस की पांच प्लाटून तैनात की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, चिकित्सकीय सहायता और यातायात नियंत्रण की भी व्यवस्था की गई है।
इसी तरह कटक के प्रसिद्ध धबलेश्वर मंदिर में तड़के 1 बजे महादीप अर्पित किया जाएगा। यहां भी अनुष्ठानों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम किए हैं।
राज्य के अन्य शिव मंदिरों में भी कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ नियंत्रण के उपाय लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के माहौल में ओडिशा में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, अनुशासन और सामूहिक आस्था की भावना के साथ मनाया जा रहा है।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H


