श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब सरकार राज्य को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत मोगा में “युद्ध नशे के विरुद्ध” रैली आयोजित कर रही है। हालांकि रैली से पहले श्री मुक्तसर साहिब में प्रशासन और पटवारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया है। रैली के लिए मुक्तसर से रवाना होने वाली बसों में ड्यूटी लगाने के आदेशों का द रेवेन्यू पटवार यूनियन ने ‘बॉयकॉट’ करने का ऐलान किया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

जानकारी के अनुसार, 12 फरवरी को मलोट के उप मंडल मजिस्ट्रेट द्वारा जारी पत्र में निर्देश दिए गए थे कि मोगा रैली में जाने वाली बसों में पटवारियों को कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया जाए। उन्हें बसों में सवार लोगों की गिनती करने, पीने के पानी और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था देखने, बस रवाना होने और रास्ते में रुकने के दौरान फोटो लेकर ग्रुप में साझा करने, वीडीसी सदस्यों को फोन कर सूचना देने तथा नशा मुक्ति ऐप डाउनलोड करवाने जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

इस आदेश के विरोध में द रेवेन्यू पटवार यूनियन के जिला प्रधान हरजिंदर सिंह ने बताया कि जिला इकाई की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि उक्त ड्यूटी का बायकाट किया जाएगा। उनका कहना है कि पटवारी राजस्व विभाग के कर्मचारी हैं और उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी राजस्व संबंधी कार्यों की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक और ब्लॉक प्रधान को रिपोर्ट करने के निर्देशों से ड्यूटी को राजनीतिक स्वरूप दिए जाने की आशंका है।

यूनियन ने यह भी सवाल उठाया कि रिफ्रेशमेंट और अन्य व्यवस्थाओं के लिए किसी प्रकार के फंड या बजट का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में पटवारियों को गैर-राजस्व कार्यों में लगाया गया तो वे संघर्ष का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

फिलहाल रैली से पहले उपजे इस विवाद ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या मामला और तूल पकड़ता है।

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