संगरूर। पंजाब की राजनीति में महाशिवरात्रि के दिन बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे अरविंद खन्ना ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम से पंजाब भाजपा को झटका माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल स्वयं संगरूर स्थित अरविंद खन्ना के निवास पर पहुंचे और उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। इस मौके पर पार्टी नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा की गई।

अरविंद खन्ना दो बार विधायक रह चुके हैं और संगरूर व धूरी विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट पर मैदान में उतरे थे, जहां उन्हें 2,59,551 मत मिले थे, हालांकि वे अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह ढींडसा से 27,277 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे।

खन्ना जनवरी 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। मौजूदा समय में वे प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी की कोर कमेटी और वित्त समिति के सदस्य भी थे। इससे पहले वे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) में महासचिव और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।

राजनीतिक गतिविधियों के अलावा अरविंद खन्ना सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। वे अपनी समाजसेवी संस्था ‘उम्मीद फाउंडेशन’ के माध्यम से निःशुल्क मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खासे चर्चित रहे हैं।

अरविंद खन्ना के शिअद में शामिल होने से राज्य की सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आगामी चुनावी समीकरणों पर इसके क्या प्रभाव पड़ेंगे, इस पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं।

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