कुंदन कुमार, पटना। विधानसभा में लगातार हो रहे विरोध और हंगामे के बीच एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है।
राजद के विधायक कुमार सरजीत के एक बयान को लेकर सदन से लेकर सड़क तक सियासी बवाल देखने को मिल रहा है।
कुमार सरजीत ने सदन में कहा था कि अगर रामविलास पासवान जीवित होते, तो दलितों का अपमान बर्दाश्त नहीं करते।
इस बयान के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों ने सदन में हंगामा किया और सड़क पर तेजस्वी यादव का पुतला दहन भी किया।
वहीं इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने विपक्ष पर पलटवार किया है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि, “बेचारा” शब्द का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उनका कहना था कि “बेचारा” शब्द का इस्तेमाल इस संदर्भ में किया गया कि रामविलास पासवान कभी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन पाए, न कि किसी के अपमान के लिए।
भाई वीरेंद्र ने सरकार पर चुनावी स्टंट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, चुनाव के वक्त 10-10 हजार रुपये देने की बातें सिर्फ जुमलेबाजी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार सरकार अपने ही कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है, तो आम जनता को ₹10,000 कहां से देगी?
राजद विधायक ने यह भी कहा कि महंगाई चरम पर है, सरकार के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और सिर्फ बयानबाजी के जरिए जनता को गुमराह किया जा रहा है। भाई वीरेंद्र ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर आर-पार के मूड में है और आज सदन में बड़ा हंगामा तय है।
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